Latest news
CBSE 10वीं सेशन-1 का रिजल्ट जारी : देशभर में लुधियाना रीजन 9वें स्थान पर AAP पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी पर ईडी की टीम ने रेड ਬਾਬਾ ਸਾਹਿਬ ਡਾਕਟਰ ਭੀਮ ਰਾਓ ਅੰਬੇਦਕਰ ਜੀ ਦੇ ਜਨਮ ਦਿਵਸ ਤੇ ਲੰਗਰ ਦਾ ਆਯੋਜਨ बैसाखी के दिन निशान साहिब की सेवा के दौरान 60 फीट की ऊंचाई से गिरकर सेवादार की मौत जालंधर में अवैध गैस रिफिलिंग के दाैरान सिलिंडर फटा , युवक बुरी तरह झुलसा हैवान पति : पत्नी के प्राइवेट पार्ट में डाली बीयर की बोतल, आरोपी पति गिरफ्तार बड़ी खबर : दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन . 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस वृंदावन नाव हादसा : लुधियाना में पांच लोगों का हुआ एक साथ अंतिम संस्कार बाबा वेंगा की डरावनी भविष्यवाणी : क्या सच में 2026 में मचेगी तबाही? वृंदावन में बड़ा हादसा : यमुना नदी में पुल से टकराकर पलटी नाव, पंजाब के 10 श्रद्धालुओं की मौत

India Living News

Hot News
You are currently viewing डॉक्टर की  बड़ी लापरवाही : बच्चे को लगी चोट में टांके लगाने की जगह भर दिया Feviquik

डॉक्टर की बड़ी लापरवाही : बच्चे को लगी चोट में टांके लगाने की जगह भर दिया Feviquik

मेरठ : मेरठ शहर में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। खबर है कि जागृति विहार एक्सटेंशन में रहने वाले जसपिंदर सिंह के ढाई साल के बेटे मनराज को घर में खेलते समय टेबल का किनारा लग गया, जिससे उसकी आंख के पास गहरा कट लग गया। परिजन बच्चे को तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन जो उपचार वहां मिला उसने सबको स्तब्ध कर दिया।

परिवार का कहना है कि डॉक्टर ने गंभीर चोट के बावजूद टांके लगाने से इनकार करते हुए घाव में केवल 5 रुपये वाली फेविक्विक की बोतल उंडेल दी। डॉक्टर बार-बार आश्वस्त करते रहे कि सब ठीक है, लेकिन बच्चा पूरी रात दर्द से तड़पता रहा और उसकी हालत बिगड़ती चली गई।

अगली सुबह जब बच्चे को लोकप्रिया अस्पताल ले जाया गया, तो विशेषज्ञ डॉक्टरों को फेविक्विक को घाव से निकालने में करीब तीन घंटे लग गए। गोंद हटने के बाद ही असल चोट दिखाई दी, जिसके बाद तुरंत चार टांके लगाए गए। डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि यदि चिपकने वाला रसायन बच्चे की आंख में चला जाता, तो उसकी दृष्टि को स्थायी नुकसान पहुंच सकता था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ के CMO डॉ. अशोक कटारिया ने एक विशेष जांच समिति गठित कर दी है। समिति यह पता लगाएगी कि इलाज करने वाला डॉक्टर योग्य था या नहीं, अस्पताल में इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध थीं या नहीं, और किस तरह की लापरवाही हुई। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


Leave a Reply