नेशनल न्यूज़ : प्राप्त जानकारी अनुसार ये मामला नोएड़ा की एक बैंक का है जहां तकनीकी खराबी के कारण बैंक ने गलती से व्यक्ति के खाते में 26,15,905 रुपये ट्रांसफर कर दिये। इसके बाद व्यक्ति ने ट्रांसफर हुई पूरी रकम को तुंरत चेक और ऑनलाइन तरीके से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। ट्रांसफर की हुई राशि न मिलने पर बैंक अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
बैंक अधिकारी पंकज बागर ने पुलिस को बताया कि नीरज कुमार नामक के व्यक्ति के साथ 58 हजार रुपए की ठगी हुई थी। जिसकी उसने साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें बैंक की तरफ से नीरज कुमार के अकाउंट से ठगी के 58 हजार रूपए को फ्रीज कर दिया गया था। अधिकारी पंकज बागर ने बताया कि स्थानीय अदालत का आदेश आने के बाद नीरज कुमार के ठगी के कारण फ्रीज की गई रकम को बैंक ने खाते में वापस में किया था।
अधिकारी पंकज बागर ने बताया कि नीरज कुमार की फ्रीज की गई रकम बैंक को वापस करने थे। तकनीकी खरीबी की वजह से बैंक से 58 हजार रुपये की जगह नीरज कुमार के खाते में कुल 26,15,905 रुपये ट्रांसफर हो गए। जिसे नीरज कुमार ने बहुत सफाई से 13,50,000 रुपये चेक के जरिए और बाकी रकम को ऑनलाइन के जरिए दूसरे बैंक के खाते में ट्रांसफर कर लिए।
बैंक की टीम को जब अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होनें पूरे मामले की जांच की और बैंक अधिकारी ने नीरज से गलती से ट्रांसफर हुए रुपए वापस करने को कहा गया तो उसने यह कहते हुए साफ इंकार कर दिया कि उसके अकाउंट में किसी भी प्रकार की कोई रकम नही आई है। वही बैंक अधिकारियों का कहना है कि नीरज कुमार ने बेईमानी से रुपए हड़प लिए है।
आरोपी के द्वारा रकम वापस न करने पर बैंक अधिकारी ने थाने में आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।