पटियाला : पंजाब में बिजली संकट गहराया , कोयले की कमी के चलते गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट के दोनों यूनिट बंद। बता दे कि सोमवार को राज्य में बिजली की अधिकतम डिमांड 7627 मेगावाट दर्ज की गई। हालांकि पावर सप्लाई के दौरान राज्य के कई इलाकों में अघोषित पावर कट लगाए गए लेकिन इसके बावजूद पावरकाम ने सेंट्रल पूल से 3443 मेगावाट बिजली हासिल की।
वहीँ पावरकाम के स्टेट सेक्टर के रोपड़ और लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांटों के कुल आठ यूनिटों में से सोमवार को पांच यूनिट चलाए गए। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर के राजपुरा थर्मल प्लांट के दोनों यूनिट चले और पावरकाम को यहां से 1335 मेगावाट बिजली हासिल हुई।
वहीँ तलवंडी साबो के तीन में से दो यूनिटों से 1196 मेगावाट बिजली मिली जबकि गोइंदवाल साहिब के दोनों यूनिट कोयला स्टाक न होने के चलते पूरी तरह से बंद हैं। सोमवार को पावरकाम ने अपने हाइडल प्रोजेक्टों में से रणजीत सागर डैम की दो यूनिटों से 249 मेगावाट बिजली समेत विभिन्न हाइडल प्रोजेक्टों से कुल 542 मेगावाट बिजली हासिल की।
वहीँ थर्मल प्रोजेक्टों में कोयला स्टाक संबंधी पावरकाम अधिकारियों ने बताया कि रोपड़ में 11 और लहरा मोहब्बत प्लांट में 6.8 दिन का कोयला स्टाक उपलब्ध है। दूसरी ओर गोइंदवाल साहिब में कोयला उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा राजपुरा प्लांट में 21 दिन और तलवंडी साबो में साढ़े तीन दिन का कोयले का स्टाक है।