जालंधर : अगर क़ाबलियत की बात करें तो पंजाब के जालंधर का 11 साल का मेधांश सही मायने में नन्हे उस्ताद है। वह अपनी अद्भूत प्रतिभा से सभी को कायल बना रहा है। मेधांश की ख्याति पंजाब के साथ-साथ देश विदेश तक पहुंच गई है। वह अब तक 50 से अधिक साफ्टवेयर डवलप कर चुका है। उसकी अपनी कंपनी है और उसका वह सीईओ है।
सेंट जोसेफ स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ रहे मेधांश कुमार गुप्ता ने 11 साल की उम्र में साफ्टवेयर डिवेलपर के तौर पर अपनी खास पहचान बना ली है। 50 से अधिक साफ्टवेयर बनाकर उन्होंने दुनियाभर में अपने शहर और अपने देश का नाम रोशन किया है। वह अपनी एंटर प्रोकोडर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में वह सीईओ है। यही नहीं अपने से तीन गुना ज्यादा उम्र वाले विद्यार्थियों को इनफारमेशन टेक्नोलॉजी का ज्ञान भी दे रहा है। मेधांश ने आने वाले चुनावों को लेकर एक साफ्टवेयर ‘मिशन खुशहाल पंजाब’ बनाया है जिसके जरिए बच्चे और माता-पिता को अपने मनपसंद और अच्छे नेताओं का चयन कर सकेंगे।
मेधांश का जन्म 2010 में संदीप कुमार गुप्ता और मोनिका गुप्ता के घर डिफेंस कॉलोनी में हुआ। संदीप और मोनिका की अपनी आईटी कंपनी है और उसमें दोनों डायरेक्टर हैं।
मेधांश का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड जैसे अन्य कई रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। इसके बाद उसे ईएसीसी यूरोपियन एशिया चेंबर ऑफ कॉमर्स कंपनी ने बुलाया और सम्मानित किया। अब तक पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, विजय सांपला, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला, सांसद अनुराग ठाकुर, बीबी जागीर कौर, जालंधर के डीसी घनश्याम थोरी के साथ अन्य कई मंत्रियों से सम्मानित हो चुके हैं।