Latest news
21 अगस्त को पंजाब बंद : जानिए क्या रहेगा बंद व क्या खुला रहेगा PM Cares Fund का डेटा रिलीज पर कांग्रेस ने साधा निशाना भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में पंजाब से तीन प्रमुख नेताओं को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जालंधर में कारोबारी से बड़ी लूट: कार के शीशे पर लोहे की रॉड से किया वार, नकदी के दो बैग लेकर फरार जालंधर : तेजदार हथियार दिखा कर लूट और झपटमारी की वारदाते करने वाले आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्ता... जालंधर में दर्दनाक हादसा : बस की चपेट में आने से Delivery Boy की मौत सुखबीर बादल पर हमले के बाद अमृतसर में पूर्व जत्थेदार रघबीर सिंह के घर के बाहर फायरिंग पटियाला में पिटबुल डॉग के मालिक पर FIR : मकान देखने आए कपल पर किया था हमला पंजाब के पूर्व डिप्‍टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ में जानलेवा हमला जालंधर में बड़ी वारदात : पत्नी और पिता का मर्डर कर आरोपी फरार

India Living News

Hot News
You are currently viewing बिना मुआयना किये ही बड़ी संख्या में कमर्शियल वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप में संगरूर में आरटीए, एमवीआइ समेत स्टाफ पर केस
Case on staff including RTA, MVI in Sangrur for issuing fitness certificates to a large number of commercial vehicles without inspection

बिना मुआयना किये ही बड़ी संख्या में कमर्शियल वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप में संगरूर में आरटीए, एमवीआइ समेत स्टाफ पर केस

संगरूर : बड़ी खबर सामने आई है कि विजिलेंस ब्यूरो ने आरटीए दफ्तर संगरूर व एमवीआइ दफ्तर संगरूर द्वारा विभिन्न प्रकार के कमर्शियल वाहनों का बिना फिजिकल जायजा लिए फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है । प्राप्त जानकारी अनुसार इस आरोप में आरटीए संगरूर, एमवीआइ संगरूर, क्लर्क, डाटा एंट्री आपरेटर, दो दलाल व अन्य प्राइवेट एजेंटों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो पटियाला ने मामला दर्ज किया गया है।

वहीँ एमवीआइ दफ्तर के दो कर्मचारियों, एक प्राइवेट एजेंट को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर उनके पास से 40 हजार रुपये की नकदी व कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। जिक्रयोग है कि हर माह 2000-2500 से अधिक वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं, जबकि इतनी बड़ी गिनती में वाहनों का महीने भर में मौके पर फिटनेस जांच करना संभव नहीं है।

मिली जानकारी अनुसार विजिलेंस विभाग ने शिकायत के आधार पर जब जांच-पड़ताल की तो पाया कि आरटीए संगरूर, एमवीआइ अधिकारी, दफ्तर का स्टाफ व प्राइवेट एजेंट मिलकर राज्य सरकार के निर्धारित नियमों का पालन किए बिना ही विभिन्न किस्म के वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करते थे। इसके बदले में 1000-2800 रुपये प्रति वाहन रिश्वत के तौर पर वसूल किए जाते थे।

वहीँ इसके लिए न तो वाहन को मौके पर बुलाया जाता तथा न ही वाहन की फिटनेस का जायजा लेते, बल्कि बिना पड़ताल के ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता। ऐसे में कंडम व खस्ताहाल वाहनों को भी फिटनेस सर्टिफिकेट देकर सड़कों पर उतारने की अनुमति मिल जाती थी।

 


Leave a Reply