पंजाब : पंजाब में भारी बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी के कारण हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर हैं, वहीं कई मौसमी नाले भी खतरे का कारण बन गए हैं। इस वजह से राज्य के कई जिलों के ग्रामीण इलाके पानी में डूब गए हैं, खेतों में जलभराव हो गया है और आम जनता की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। प्रशासन ने इन परिस्थितियों को देखते हुए स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया है ताकि बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
फाजिल्का जिले की स्थिति गंभीर हो गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण सतलुज नदी का जलस्तर बढ़कर बाढ़ जैसे हालात पैदा कर चुका है। प्रशासन ने ‘ठिकरी पहरा’ लगाने के भी आदेश जारी किए हैं, जिसका मतलब है कि स्थानीय लोग चौकसी रखेंगे और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कदम उठाएंगे।
पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी का ऐलान किया है। इस गिरदावरी में फसलों की हानि और संपत्ति को हुए नुकसान का विवरण शामिल होगा। प्रभावित किसानों और परिवारों को जल्द मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन तैयारी कर रहा है, ताकि वे इस मुश्किल वक्त में राहत पा सकें।
इस प्रकार, पंजाब में बारिश और बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर इस प्राकृतिक आपदा से निपटने में जुटे हैं, ताकि नुकसान को कम किया जा सके और प्रभावित लोगों की मदद की जा सके।