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जम्मू-कश्मीर व हिमाचल में कुदरत का कहर , कहीं बादल फट रहे, कहीं पहाड़ दरक रहे

जम्मू-कश्मीर व हिमाचल में कुदरत का कहर , कहीं बादल फट रहे, कहीं पहाड़ दरक रहे
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हिमाचल/जम्मू-कश्मीर : जम्मू-कश्मीर व हिमाचल में लगातार कुदरत का कहर जारी। कहीं बादल फट रहे तो कहीं पहाड़ दरक रहे हैं। दोनों राज्यों में जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार (26 अगस्त 2025) को बादल फटने से अचानक बाढ़ और भूस्खलन हो गया। इस आपदा में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। कई घर पूरी तरह से टूट गए, जबकि कुछ इमारतों को आंशिक नुकसान हुआ है। बता दे किश्तवाड़ में 14 अगस्त को बादल फटने से 60 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और कठुआ जिले में 17 अगस्त को चार लोगों की जान चली गई थी।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और घायलों को इलाज दिया जा रहा है। हालांकि, खराब मौसम और टूटी सड़कों के कारण बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।

वहीँ हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश से भूस्खलन और अचानक बाढ़ आई है। कई दुकानें और इमारतें ढह गईं। कई सड़कें और नेशनल हाईवे टूट गए। कई गांव और कस्बे पानी में डूब गए। कांगड़ा, चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।हिमाचल के कुल्लू जिले में ब्यास नदी की तेज धाराओं ने एक बहुमंजिला होटल और चार दुकानों को बहा दिया। मनाली में आलू मैदान पानी से भर गया और मनाली-लेह राजमार्ग कई जगहों पर बंद हो गया। इसके अलावा, कुल्लू में घनवी खड्ड का पानी घरों में घुस गया।

मंडी जिले के बालीचौकी इलाके में देर रात दो बड़ी इमारतें गिर गईं, जिनमें लगभग 40 दुकानें थीं। हालाँकि इन्हें पहले ही खाली करा लिया गया था, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई।किन्नौर जिले में अचानक आई बाढ़ ने भी बड़ा नुकसान किया।

हालात बिगड़ने के कारण प्रशासन ने कई जिलों –मंडी, कांगड़ा, चंबा, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, कुल्लू और शिमला में सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और भारी बारिश की संभावना जताई है। इससे स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन लगातार राहत कार्य में जुटा है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं।