पंजाब : पंजाब के पठानकोट में चौंकाने वाली घटना हुई है। हलका सुजानपुर के अधीन आते गांव मेहरां में पालतू कुत्ते के काटने से मां और नाबालिग बेटी की मौत हो गई है। मरने वालों की पहचान 17 वर्षीय सलोनी और उसकी माता पूजा देवी (42) निवासी सुजानपुर मेहरां के रूप में हुई है। दोनों का मंगलवार को उनके पैतृक गांव में संस्कार कर दिया गया है।
मिली जानकारी अनुसार मां-बेटी को दो माह पहले पालतू कुत्ते ने काटा, उसके 10 दिन बाद ही कुत्ता मर गया। कुत्ते के काटने के बाद मां-बेटी में थोड़े रेबीज के लक्षण दिखने लगे। 22 जून को मां-बेटी की हालात गंभीर हो गई, जिसके बाद वे दोनों को सिविल अस्पताल पठानकोट ले गए। वहां से 23 जून को डाॅक्टरों ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए नाबालिग को अमृतसर गुरु नानक देव अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी सरकारी समेत कई अस्पतालों में युवती के उपचार लिए भटके, लेकिन उपचार नहीं मिला। इसके बाद शाम 4 बजे युवती सलोनी की रास्ते में ही आते मौत हो गई। उसने अभी 12वीं कक्षा पास की थी।
24 जून को जब पूजा देवी को वे पठानकोट के बाद जेएंडके में किसी अस्पताल में उपचार करवाने लेकर गए तो वहां भी इसका उपचार संभव नहीं दिखा। घर लौटते समय पूजा देवी ने भी दम तोड़ दिया।
सीएचसी बुंगल बधानी के एसएमओ डाॅ. अमन ने कहा कि सेहत विभाग की टीम गांव मेहरा पहुंची और मां-बेटी के संपर्क में आने वाले परिजनों व कुछ बाहरी कुल 30 लोगों की वैक्सीनेशन की गई है। इनकी आगे भी सेहत विभाग रूटीन में वैक्सीनेशन करेगा।
लड़की में यह दिखे लक्षण
. हवा व पानी से डरना
. सांस लेने में दिक्कत आना
. अत्याधिक चिल्लाना
. मुंह से पानी का निकलना
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एक्सपर्ट की माने तो रेबीज वायरस जानवर (विशेषकर कुत्ते, बिल्ली व बंदर) के काटने से फैलता है और इसके लक्षण संक्रमित होने के कुछ दिनों बाद ही सामने आ सकते हैं। लक्षण कब प्रकट होंगे यह इस पर निर्भर करता है कि कुत्ते ने शरीर के किस हिस्से पर काटा है। यदि काटा गया स्थान सिर या चेहरा हो, तो लक्षण कुछ ही दिनों में आ सकते हैं। कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन का समय पर लगना अत्यंत आवश्यक होता है। सामान्यतः यह टीके काटने वाले दिन, तीसरे दिन, सातवें दिन, चौदहवें दिन, 28वें दिन और 90वें दिन लगाए जाते हैं।














