पंजाब : पंजाब में लंबे समय से आउटसोर्स मीटर रीडर्स हड़ताल पर है। इससे घरेलू कंज्यूमर्स की परेशानी बढ़ गई है। मीटर रीडिंग न होने की वजह से कंज्यूमर्स को पिछले 4-5 महीनों से एकमुश्त और भारी-भरकम बिल आ रहे हैं। जिससे कंज्यूमर्स को बड़ी परेशानी हो रही है। कुछ कंज्यूमर्स के बिल लाखों रुपये में आए हैं। पटियाला की सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी ने इस बारे में पी.एस.पी.सी.एल. सी.एम.डी. बसंत गर्ग को एक लेटर भी लिखा है, जिसमें उन्होंने गर्ग को बताया कि 10 किलोवाट से ज़्यादा लोड वाले कंज्यूमर्स को 6-7 महीने के एकमुश्त बिल भेजे गए हैं, जो बहुत ज़्यादा हैं।
दूसरी तरफ, पी.सी.एस.पी.एल. में 2000 आउटसोर्स मीटर रीडर्स की हड़ताल और टेक्निकल दिक्कतों की वजह से यह दिक्कत आ रही है। मीटर रीडर्स की मांग है कि पंजाब सरकार इसे ठीक करे। यह भी पता चला है कि मई-जून की बिलिंग प्रक्रिया के दौरान 9.6 लाख नॉन-स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अनुमानित एन-कोड बिल जारी किए गए थे। इसके अलावा तकनीकी समस्याओं के कारण 92,643 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को भी अनुमानित बिल भेजे गए हैं। पी.सी.एस.पी.एल. के अनुसार, जिन 9.6 लाख उपभोक्ताओं को अनुमानित बिल मिले हैं, उनमें से करीब 6 लाख उपभोक्ता जीरो बिल श्रेणी में हैं।
इसके अलावा 22,000 नॉन-स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक के अनुमानित बिल भेजे गए हैं। दूसरी ओर, बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि अनुमानित बिल भेजने की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे घरेलू उपभोक्ताओं को भारी नुकसान हो रहा है।












