पंजाब : पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में सीनेट चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन जारी है. केंद्र सरकार द्वारा सीनेट भंग करने का फैसला वापस लेने के बावजूद छात्र चुनाव की तारीखें घोषित करने पर अड़े हैं. कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात है और झड़पें भी हुई हैं.
बता दे छात्र संगठन केंद्र सरकार के यूनिवर्सिटी सीनेट भंग करने के खिलाफ एकजुट हुए हैं. छात्रों ने आज पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ प्रदर्शन की कॉल दे रखी थी. कैंपस से बाहर निकल रहे छात्रों और यूनिवर्सिटी के बाहर पहुंचे अलग-अलग सामाजिक, धार्मिक और किसान संगठनों के लोगों के साथ चंडीगढ़ पुलिस की झड़प हुई है.
चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हल्का बल प्रयोग करके खदेड़ा और बसों में डाल करके गिरफ्तार किया है. हालांकि केंद्र सरकार पहले ही सीनेट भंग करने के नोटिफिकेशन को वापस ले चुकी है. लेकिन, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द सीनेट के चुनाव करवाने की तारीखों के नोटिफिकेशन को जारी किया जाए नहीं तो वो केंद्र सरकार की बात पर भरोसा नहीं करेंगे.
क्यों हो रहा विरोध प्रदर्शन?
केंद्र सरकार की तरफ से 28 अक्टूबर को केंद्र सालों पुरानी सीनेट और सिंडिकेट को भंग करने का नोटिफिकेशन जारी किया था. जैसे ही इस बात की खबर सामने आई. राजनीति के साथ-साथ छात्रों की प्रतिक्रिया सामने आई. नेताओं और छात्रों ने इसे पंजाब और पंजाबियत को खत्म करने के प्रयास जैसा बताया था. विरोध बढ़ने पर केंद्र सरकार की तरफ से अपने इस फैसले को वापस ले लिया गया है.
केंद्र सरकार की तरफ से फैसला वापस लेने के बाद छात्रों का विरोध जारी है. छात्रों का कहना है कि जब तक सीनेट के सभी 91 सदस्यों की तारीख का ऐलान नहीं होगा, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.











