लुधियाना : शुक्रवार दोपहर वृंदावन में दर्शन के लिए गए जगराओं जत्थे की नाव के केशी घाट और यमुना नदी में पलटने से हुई दस मौतों में से पांच मृतक जगराओं के ही रहने वाले थे। शुक्रवार देर रात वहां पोस्टमार्टम करवाने के बाद, प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पायलट वाहनों के साथ अलग-अलग एंबुलेंस में मृतकों के शव जगराओं भेजे।
जो शनिवार सुबह करीब 10 बजे जगराओं बस अड्डा चौक पहुंचे। वहां मौजूद सैकड़ों शहरवासियों की उपस्थिति में शवों को उनके घरों तक पहुंचाया गया। इनमें मधुर बहल और उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत बहल और चाची पिंकी बहल, साथ ही ईशान कटारिया शामिल थे।
बड़ी संख्या में शहरवासी उनके घरों पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोपहर में, शहर के श्मशान घाट में अलग-अलग समय पर उन सभी का अंतिम संस्कार किया गया। जहां बड़ी संखया में शहरवासी मौजूद थे।
मुखयमंत्री ने किया दुख साझा
मुखयमंत्री भगवंत मान इस बड़े दुखद हादसे के पीड़ितो के परिवारों का दुख साझा करने के लिए विशेष रूप से जगराओं पहुँचे। वह ईशान कटारिया के घर गए और उनके माता-पिता के साथ दुख साझा किया। उसके बाद, वह चरणजीत बहल के घर पहुंचे और उनके बेटे तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दुख साझा किया।











