हादसा इतना भयंकर था कि प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो दोनों बसों के चालकों की मौके पर ही मौत हो गई। चीख पुकार सुनने के बाद आसपास के गांव के लोग बड़ी संख्या में मदद के लिए पहुंच गए थे, उन्होंने दोनों बसों में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया। हादसे के महज 30-40 मिनट के बाद ही एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई थीं, तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से घायलों को मथुरादास सिविल अस्पताल लाना शुरू कर दिया था।
[metaslider id="1461"]
एसएमओ डा. सुखप्रीत बराड़ ने आपात संदेश देकर सभी चिकित्सकों को इमरजेंसी बुला लिया था, अस्पताल की ड्यूटी पर दूसरे विभागों में मौजूद पैरा मेडिकल स्टाफ भी तत्काल इमरजेंसी पहुंचकर घायलों के उपचार में जुट गया था। निजी अस्पताल के चिकित्सकों को सिविल अस्पताल में बुला लिया गया है।
वहीं मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा कि मोगा में बस दुर्घटना के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ है। उन्होंने डीसी मोगा को सभी घायलों को तुरंत पूरा इलाज मुहैया कराने और सरकार को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिए हैं।
[metaslider id="9199"]
source link