जो कि देश हित में नहीं है। इससे देशवासियों का नुक्सान होगा और सरकार भी लाभांश से वंचित होगी। उन्होंने ने कहा ये कंपनिया लोकहित की बीमा योजनाओं को कम प्रीमियम पर लागू करती है। उन्होंने ने कहा सरकार को निजीकरण का विचार छोड़ कर चारों कंपनियों को विलय करके एक मजबूत कंपनी बनाने के लिए तैयारी करनी चाहिए जैसे कि पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेतली जी ने अपने बजट भाषण में कहा था। उन्होंने ने कहा अब सरकार ने यूनाइटेड इंडिया के निजीकरण का फैसला लिया है। उन्होंने ने कहा बीमा कर्मचारी इसका डट कर विरोध करते है।
कर्मचारी अपने वेतन वृद्धि जो कि 01/08/2017 से लागू किया जाना है पर सरकार व जिपसा द्वारा ढिलमुल रवैया अपनाये जाने से खफा है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार तुरंत वेतन वृद्धि पर बातचीत शुरू करे। उन्होंने ने कहा बीमा कम्पनियों के कर्मचारियों ने कोविड माहमारी का सामना करते हुए फ्रंट लाइन में लग कर देश की सेवा की एव कई साथियों ने अपने जीवन की आहुति दी। बैंक कर्मचारियों एव एल आई सी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि मिल गया है और साधारण बीमा कंपनियों के कर्मचारियों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है। प्रदर्शन कारी कर्मचारियों ने तुरंत वेतन वृद्धि पर बातचीत शुरू करने की मांग की अन्यथा वे अपने आंदोलन को तीव्र करने को मजबूर होंगे।
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रोष प्रदर्शन को अनिल चोपड़ा ,नरेश कुमार ,राजेश गुप्ता एव राजीव वैध ने संबोधित किया।
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सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में बीमा कर्मचारियों ने यूनाइटेड इंडिया इन्शुरन्स के बाहर किया रोष प्रदर्शन
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जालंधर : सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के कर्मचारियों ने आज भोजनावकाश के दौरान यूनाइटेड इंडिया इन्शुरन्स कंपनी के बाहर किया रोष प्रदर्शन। ये प्रदर्शन साधारण बीमा कंपनियों की यूनियनों के ज्वाइंट फ्रंट के आह्वान पर देशभर में किया गया। प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि 107 निजी साधारण बीमा कंपनियों का राष्ट्रीयकरण करके भारतीय साधारण बीमा निगम व इसकी चार अनुषंगी कंपनियों नेशनल ,यूनाइटेड इंडिया ,ओरिएंटल व न्यू इंडिया इन्शुरन्स कंपनी का गठन किया गया। इन कंपनियों ने अपने राष्ट्रीयकरण के उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुए देश की आम जनता व ओद्योगिक संगठनों को सामाजिक एव वितीय सुरक्षा दी और अपने राष्ट्रीयकरण को सार्थक किया। देश के ढांचा गत एरिया में निवेश किया। उन्होंने ने कहा समय की सरकार इन कंपनियों का निजीकरण करने के लिए तैयारी कर रही है।
जो कि देश हित में नहीं है। इससे देशवासियों का नुक्सान होगा और सरकार भी लाभांश से वंचित होगी। उन्होंने ने कहा ये कंपनिया लोकहित की बीमा योजनाओं को कम प्रीमियम पर लागू करती है। उन्होंने ने कहा सरकार को निजीकरण का विचार छोड़ कर चारों कंपनियों को विलय करके एक मजबूत कंपनी बनाने के लिए तैयारी करनी चाहिए जैसे कि पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेतली जी ने अपने बजट भाषण में कहा था। उन्होंने ने कहा अब सरकार ने यूनाइटेड इंडिया के निजीकरण का फैसला लिया है। उन्होंने ने कहा बीमा कर्मचारी इसका डट कर विरोध करते है।
कर्मचारी अपने वेतन वृद्धि जो कि 01/08/2017 से लागू किया जाना है पर सरकार व जिपसा द्वारा ढिलमुल रवैया अपनाये जाने से खफा है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार तुरंत वेतन वृद्धि पर बातचीत शुरू करे। उन्होंने ने कहा बीमा कम्पनियों के कर्मचारियों ने कोविड माहमारी का सामना करते हुए फ्रंट लाइन में लग कर देश की सेवा की एव कई साथियों ने अपने जीवन की आहुति दी। बैंक कर्मचारियों एव एल आई सी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि मिल गया है और साधारण बीमा कंपनियों के कर्मचारियों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है। प्रदर्शन कारी कर्मचारियों ने तुरंत वेतन वृद्धि पर बातचीत शुरू करने की मांग की अन्यथा वे अपने आंदोलन को तीव्र करने को मजबूर होंगे।
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रोष प्रदर्शन को अनिल चोपड़ा ,नरेश कुमार ,राजेश गुप्ता एव राजीव वैध ने संबोधित किया।
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जो कि देश हित में नहीं है। इससे देशवासियों का नुक्सान होगा और सरकार भी लाभांश से वंचित होगी। उन्होंने ने कहा ये कंपनिया लोकहित की बीमा योजनाओं को कम प्रीमियम पर लागू करती है। उन्होंने ने कहा सरकार को निजीकरण का विचार छोड़ कर चारों कंपनियों को विलय करके एक मजबूत कंपनी बनाने के लिए तैयारी करनी चाहिए जैसे कि पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेतली जी ने अपने बजट भाषण में कहा था। उन्होंने ने कहा अब सरकार ने यूनाइटेड इंडिया के निजीकरण का फैसला लिया है। उन्होंने ने कहा बीमा कर्मचारी इसका डट कर विरोध करते है।
कर्मचारी अपने वेतन वृद्धि जो कि 01/08/2017 से लागू किया जाना है पर सरकार व जिपसा द्वारा ढिलमुल रवैया अपनाये जाने से खफा है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार तुरंत वेतन वृद्धि पर बातचीत शुरू करे। उन्होंने ने कहा बीमा कम्पनियों के कर्मचारियों ने कोविड माहमारी का सामना करते हुए फ्रंट लाइन में लग कर देश की सेवा की एव कई साथियों ने अपने जीवन की आहुति दी। बैंक कर्मचारियों एव एल आई सी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि मिल गया है और साधारण बीमा कंपनियों के कर्मचारियों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है। प्रदर्शन कारी कर्मचारियों ने तुरंत वेतन वृद्धि पर बातचीत शुरू करने की मांग की अन्यथा वे अपने आंदोलन को तीव्र करने को मजबूर होंगे।
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रोष प्रदर्शन को अनिल चोपड़ा ,नरेश कुमार ,राजेश गुप्ता एव राजीव वैध ने संबोधित किया।
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