Skip to content

महाराष्‍ट्र की गुफा में चमगादड़ों में मिला निपाह वायरस, महाबलेश्‍वर-पंचगनी के पर्यटन स्‍थलों को किया गया बंद

Nipah virus found in bats in Maharashtra cave, tourist places of Mahabaleshwar-Panchgani were closed
Nipah virus found in bats in Maharashtra cave, tourist places of Mahabaleshwar-Panchgani were closed
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper
[metaslider id="711"] नई दिल्‍ली : महाराष्‍ट्र के सतारा जिले की महाबलेश्‍वर स्थित गुफाओं में निपाह वायरस होने की पुष्टि हुई है। महाबलेश्‍वर को भारत में मिनी कश्‍मीर भी कहा जाता है। हर वर्ष वहां पर हजारों की संख्‍या में सैलानी पहुंचते हैं। वर्ष 2020 में पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने महाबलेश्‍वर की गुफा से चमगादड़ों की लार के नमूने लिए थे। इनकी जांच के दौरान ही इसमें निपाह वायरस मिलने की पुष्टि हुई है। आपको बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है कि महाराष्‍ट्र में इस तरह से इस वायरस की पुष्टि चमगादड़ों में हुई है। इस पुष्टि के बाद सतारा जिले के महाबलेश्‍वर-पंचगनी के पर्यटन स्‍थलों को फिलहाल बंद कर दिया गया है। [metaslider id="1461"] आपको बता दें कि ये कोई नया वायरस नहीं है ओर पूर्व में इसके संक्रमण को रोका जा चुका है। वर्ष 2018 में निपाह वायरस की वजह से केरल में 17 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, इस वायरस से संक्रमित करीब 75 फीसद मरीजों की मौत हो जाती है इसलिए ही इसको एक डेडली वायरस कहा जाता है। मौजूदा समय में भी इसकी कोई दवा तो उपलब्‍ध नहीं है, लेकिन जानकारों की राय में बचाव ही इसका एक उपाय है। ये वायरस मुख्यत: चमगादड़ से फैलता है। गौरतलब है कि जो चमगादड़ फल खाते हैं उनकी लार फलों पर ही रह जाती है। ऐसे में जब कोई भी अन्‍य जानवर या व्‍यक्ति इन फलों को खाता है तो वो इससे संक्रमित हो जाता है। इस वायरस के लक्षणों की यदि बात करें तो इसमें तेज बुखार आना, उल्‍टी और बेहोशी छाना, सांस लेने में तकलीफ शामिल है। वहीं, अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर इसके बचाव को लेकर जो उपाय सुझाए गए हैं उनमें साफ सफाई पर विशेष ध्‍यान देना, खाने से पहले और बाद में हाथों को धोना, खाने-पीने की दूषित चीजों से दूरी बनाकर रखना, पेड़ से गिरे फलों को न खाना शामिल है। [metaslider id="5345"]     source link