Wednesday, 23 June 2021
National
महाराष्â€ट्र की गुफा में चमगादड़ों में मिला निपाह वायरस, महाबलेश्â€वर-पंचगनी के पर्यटन स्â€थलों को किया गया बंद
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नई दिल्â€ली : महाराष्â€ट्र के सतारा जिले की महाबलेश्â€वर स्थित गुफाओं में निपाह वायरस होने की पुष्टि हुई है। महाबलेश्â€वर को भारत में मिनी कश्â€मीर भी कहा जाता है। हर वर्ष वहां पर हजारों की संख्â€या में सैलानी पहुंचते हैं। वर्ष 2020 में पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने महाबलेश्â€वर की गुफा से चमगादड़ों की लार के नमूने लिए थे। इनकी जांच के दौरान ही इसमें निपाह वायरस मिलने की पुष्टि हुई है। आपको बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है कि महाराष्â€ट्र में इस तरह से इस वायरस की पुष्टि चमगादड़ों में हुई है। इस पुष्टि के बाद सतारा जिले के महाबलेश्â€वर-पंचगनी के पर्यटन स्â€थलों को फिलहाल बंद कर दिया गया है।
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आपको बता दें कि ये कोई नया वायरस नहीं है ओर पूर्व में इसके संक्रमण को रोका जा चुका है। वर्ष 2018 में निपाह वायरस की वजह से केरल में 17 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, इस वायरस से संक्रमित करीब 75 फीसद मरीजों की मौत हो जाती है इसलिए ही इसको एक डेडली वायरस कहा जाता है। मौजूदा समय में भी इसकी कोई दवा तो उपलब्â€ध नहीं है, लेकिन जानकारों की राय में बचाव ही इसका एक उपाय है। ये वायरस मुख्यत: चमगादड़ से फैलता है। गौरतलब है कि जो चमगादड़ फल खाते हैं उनकी लार फलों पर ही रह जाती है। ऐसे में जब कोई भी अन्â€य जानवर या व्â€यक्ति इन फलों को खाता है तो वो इससे संक्रमित हो जाता है।
इस वायरस के लक्षणों की यदि बात करें तो इसमें तेज बुखार आना, उल्â€टी और बेहोशी छाना, सांस लेने में तकलीफ शामिल है। वहीं, अंतरराष्â€ट्रीय स्â€तर पर इसके बचाव को लेकर जो उपाय सुझाए गए हैं उनमें साफ सफाई पर विशेष ध्â€यान देना, खाने से पहले और बाद में हाथों को धोना, खाने-पीने की दूषित चीजों से दूरी बनाकर रखना, पेड़ से गिरे फलों को न खाना शामिल है।
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