Latest news
जालंधर कैंट में स्कूल के बाहर दर्दनाक हादसा : आर्मी ट्रक की चपेट में आने से 5वीं की छात्रा की मौत सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भाभी चुम्मेवाली और उनके पति के खिलाफ पुलिस ने की FIR दर्ज श्रद्धांजलि सभा में आत्मा की अमरता का संदेश, स्वर्गीय श्रीमती आशा धीर को भावभीनी श्रद्धांजलि GYM में ओवरवेट लेग प्रेस पड़ा भारी: युवक की गई जान ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 : भारत पहुंचा 125वें स्थान पर , यूरोप शीर्ष 10 में हावी रहा हरियाणा रोडवेज की AC और सुपर लग्जरी बसों में कर्मचारियों की फ्री यात्रा करने पर लगी रोक पंजाब में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट , 5 जुलाई से 8 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट लुधियाना में प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी मॉर्निंग वॉक कर रही तो अचानक बेकाबू कार ने रौंदा, हुई मौत रात में लोगों को डर क्यों महसूस होता है? जानिए इस पर साइंस क्या कहती है होटल के कमरे में मिली प्रेमी प्रेमिका की लाशें , दोनों शादीशुदा थे

India Living News

Hot News
You are currently viewing पंजाब में कंपा देने वाली ठंड और घने कोहरे की बीच खुले स्कूल

पंजाब में कंपा देने वाली ठंड और घने कोहरे की बीच खुले स्कूल

पंजाब : बता दे पंजाब के स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां खत्म हो गई हैं। लगभग 20 दिन से ज्यादा दिनों तक स्कूलों में छुट्टियां थीं। 24 दिसंबर से 13 जनवरी तक स्कूल बंद रहे। 14 जनवरी को स्कूल दोबारा खुल गए हैं। ऐसे में भीषण ठंड, घने कोहरे और बर्फीली हवाओं ने बच्चों और अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सरकार ने स्कूलों की छुट्टी नहीं बढ़ाई और बुधवार सुबह हालात ऐसे रहे कि पंजाब के कई इलाकों में धुंध की वजह से विजिबिलिटी बेहद कम रही और तापमान करीब 6 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बड़ी संख्या में अभिभावकों ने छोटे बच्चों को स्कूल न भेजने का फैसला लिया, जिसका सीधा असर स्कूलों की हाजिरी पर पड़ा। कई सरकारी स्कूलों में महज 25 से 30 प्रतिशत बच्चे ही पहुंच सके। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति काफी कम रही। ऐसा हाल जालंधर के कई स्कूलों में देखने को मिला है।

छुट्टियां बढ़ाने या टाइमिंग बदलने की मांग
अभिभावकों और शिक्षकों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। अभिभावक जहां छुट्टियां बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, वहीं शिक्षक स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव को बेहतर समाधान बता रहे हैं। उनका कहना है कि सुबह के समय कोहरा सबसे ज्यादा होता है, इसलिए समय आगे बढ़ाया जाए तो बच्चों की सुरक्षा भी बनी रहेगी और पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। फिलहाल कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच बच्चों की सुरक्षा बनाम पढ़ाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और सभी की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।


Leave a Reply