पंजाब : विदेश मंत्रालय की एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि पंजाब में केवल 212 ट्रैवल एजेंटों के पास ही वैध लाइसेंस हैं। इनमें से भी लगभग 80 एजेंटों के लाइसेंस की वैधता समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद, राज्य में ट्रैवल एजेंटों का बड़ा हिस्सा बिना किसी लाइसेंस के काम कर रहा है। बता दें कि पंजाब में कुल ट्रैवल एजेंटों में से 92 प्रतिशत अवैध तरीके से काम कर रहे हैं, जबकि केवल 8 प्रतिशत एजेंट ही वैध तरीके से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। राज्य के हर जिले में अवैध ट्रैवल एजेंटों का जाल फैला हुआ है।
केंद्र के पास आठ जिले ऐसे हैं जिनमें काम कर रहे ट्रैवल एजेंटों का कोई भी ब्यौरा नहीं है। इन जिलों में मुक्तसर साहिब, तरनतारन, फरीदकोट, पठानकोट, फिरोजपुर, मलेरकोटला, फाजिल्का और मानसा शामिल हैं। केंद्र ने लगभग 2,900 ट्रैवल एजेंटों की सूची राज्य सरकार को भेजी है, ताकि इन एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जांलधर, मोहाली और होशियारपुर में सबसे अधिक पंजीकृत ट्रैवल एजेंट हैं।
अमेरिका से भारतीयों के डिपोर्ट होने की कार्रवाई के बाद पंजाब में ट्रैवल एजेंटों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अमेरिका से डिपोर्ट होकर आए 126 लोगों में से केवल चार ने ही ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। वहीं अब इस मामले की जांच के लिए एक चार-सदस्यीय एसआईटी बनाई गई है।











