जालंधर : डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि ज़िले में समूचे सरकारी अध्यापकों को कोविड -19 वैक्सीन की पहली ख़ुराक दी जा चुकी है और इन में से बहुते की तरफ से कोविड की दूसरी ख़ुराक भी प्राप्त कर ली गई है। ज़िला प्रशास्निक कंपलैक्स में एक समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने आधिकारियों को कहा कि इससे सम्बन्धित रिपोर्ट सौंपी जाये कि कोई भी सरकारी अध्यापक कोविड की पहली ख़ुराक से वंचित रह गया है ताकि रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जा सके।ज़िले में टीचिंग और नान -टीचिंग अमले के मुकम्मल टीकाकरण पर ज़ोर देते डिप्टी कमिश्नर, जिन के साथ सिविल सर्जन डा. बलवंत सिंह भी मौजूद थे, ने आधिकारियों को कहा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही के साथ सख़्ती से निपटा जायेगा। उन्होने कहा कि सरकार के निर्देशों अनुसार समूचे अध्यापकों को अपनी ड्यूटी पर उपस्थित होने से पहले कोविड -19 टीकाकरण करवाने की ज़रूरत है जिससे शैक्षिक संस्थाओं में विद्यार्थियों की सुरक्षा को यकीनी बनाया जा सके।इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर की तरफ से आयुष्मान भारत -सरबत स्वास्थ्य बीमा योजना, यू.डी.आई.डी. स्कीम और कोरोना वायरस महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में की गई प्रगति का भी जायज़ा लिया गया। उन्होंने बताया कि बस्ती गुजां और नकोदर के अस्पतालों के साथ-साथ सिविल अस्पताल जालंधर में नया पी.एस.ए.अधारित आक्सीजन प्लांट जल्द लगेगा। उन्होंने बताया कि आक्सीजन उत्पादन में आत्म निर्भर बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बहुत से अस्पतालों की तरफ से पी.एस.ए.अधारित आक्सीजन प्लांट लगाए जा चुके हैं। उनहोने बताया कि अब तक ज़िले में 12,89,225 योग्य लाभपातरियों को कोविड वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जिन में पहली ख़ुराक लेने वाले 8,67,349 और दूसरी ख़ुराक लेने वाले 3,11,876 लोग शामिल हैं। थोरी ने आगे बताया कि ज़िले में आयुष्मान भारत -सरबत स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत 65164 लाभपातरियों के प्राईवेट अस्पतालों के साथ सम्बन्धित 90.91 करोड़ रुपए के दावे जमा करने के इलावा 5,42,894 लोगों के ई -कार्ड बनाऐ जा चुके हैं। उनहोंने यह भी बताया कि विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों को विशेष स्कीमों के साथ जोड़ने के लिए ज़िलो में 17866 लोगों के यू.डी.आई.डी.कार्ड भी बनाऐ गए हैं।