जालन्धर :पूरा देश इस समय कोरोना वायरस के गंभीर खतरे से डटकर सामना कर रहा है लेकिन दूसरी तरफ रसोई गैस , पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतें आम जनता को इस संकट के वक्त में दोहरी मार की तरह पड़ रही है। आज पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री व प्रदेश कांग्रेस के उप प्रधान अवतार हैनरी ने सैंकड़ो समर्थको सहित लम्मापिंड चौंक में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया।
इस अफसर पर हैनरी ने भाजपा के नेतृत्व वाली मोदी सरकार की आलोचना करते हुए दिन प्रतिदिन पेट्रोल व् डीजल की कीमत बढ़ाये जाने को अन्यायपूर्ण करार दिया और कहा कि गरीब और मध्यवर्ग परिवारों के लिए भाजपा की झोली में झुमलो और झूठे वादों के सिवा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा अनुचित तरीके से गैस ,पेट्रोल व् डीजल के दाम बढ़ाये जाने से न केवल पहले से परेशान आम लोगों की कमर टूट जाएगी बल्कि इससे अर्थव्यवस्था और विकास दर भी प्रभावित हो रही है जिसका सीधा असर आम आदमी की दो वक्त की रोटी को पड़ रहा है।
हैनरी ने बताया की 26 मई, 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली थी, तब भारत की तेल कंपनियों को कच्चा तेल 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था और उस समय पेट्रोल व डीजल क्रमशः 71.41 और 55.49 रुपये प्रति लीटर में उपलब्ध था। आज पेट्रोल एवं डीजल की कीमत 100 रु और 90 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है, जबकि कच्चे तेल की कीमत आज 69 डॉलर प्रति बैरल है. उन्होंने कहा की अंतराष्ट्रीय बाज़ार में क़ीमतें कम होने के बावजूद भाजपा सरकार ने आम उपभोक्ता को इसका लाभ देने की बजाय उत्पाद शुल्क में बेतहाशा बढ़ोतरी करके मुनाफ़ा वसूली के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने बताया की पिछले सात सालों में मोदी सरकार ने उत्पाद शुल्क बढ़ा कर लगभग 25 लाख करोड़ रु आम जनता की जेब से वसूले हैं . हैनरी ने केंद्र सरकार को पेट्रोल-डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी कम करने की मांग करते हुए यह भी याद दिलाया की पूर्व प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह के समय पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 9 रुपए थी, जो अब बढ़कर 34 रुपए हो गई हैं। अंत विधायक हैनरी ने मोदी सरकार को यह अल्टीमेटम दिया कि अगर पेट्रोल-डीजल के दाम वापिस न लिए तो आगे इससे भी बड़ा आंदोलन होगा। इस मोके बड़ी संख्या में कांग्रेस के अन्य नेता व पार्टी कार्यकर्त्ता मौजूद थे।