जालंधर : कोरोना महामारी की वजह से पाबंदी झेल रहे कोचिंग सेंटर मालिक सोमवार को जालंधर में सड़क पर उतर आए। उन्होंने DC ऑफिस के बाहर पुडा ग्राउंड में प्रदर्शन किया। जिसमें कांग्रेस पार्टी के पिछले चुनावी स्लोगन ‘चाहुंदा है पंजाब, कैप्टन दी सरकार’ की तर्ज पर चाहुंदा है पंजाब, ऑफलाइन क्लास’ स्लोगन लिखे बैनर लहराए गए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई अब बिजली कटों की वजह से नहीं हो पा रही। क्लास से कई बच्चे बिजली न होने की बात कहकर गैर हाजिर रहते हैं। इसके बाद DC घनश्याम थोरी को मांग पत्र सौंपा गया। उन्हें कोचिंग सेंटर मालिकों की आवाज सरकार तक पहुंचाने की विनती की गई।
कोचिंग फैडरेशन ऑफ इंडिया के पंजाब जनरल सेक्रेटरी प्रो. एमपी सिंह ने जब सरकार ने कहा दुकानें, जिम, मॉल, रेस्टोरेंट, पार्क खोल दिए तो फिर कोचिंग सेंटरों से पाबंदी क्यों नहीं हटाई जा रही?। उन्होंने ऑनलाइन मैथर्ड को फ्लॉप करार देते हुए कहा कि इससे बच्चे नकल मारने के तरीके सीख गए हैं। पढ़ाई के वक्त बच्चे गेम खेलते रहते हैं या फिर पढ़ाई ऑन कर कहीं और घूमते रहते हैं। प्रोफेसर जसप्रीत संह, प्रोफेसर परमिंदर सिंह, प्रो. विकास बेरी व तरूण अग्रवाल ने कहा कि पिछले 18 महीने से कोचिंग सेंटर बंद हैं। इसके बावजूद न तो उनके किराए माफ हुए और न ही बिजली के बिल। अब एडमिशन कम होने से और परेशानी बढ़ रही है।