जालंधर : पजाब पुलिस को गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। जानकारी मिली है कि पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स को गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मिली जानकारी अनुसार टास्क फोर्स ने जालंधर, लुधियाना और मोहाली में छापामारी कर 11 गैंगस्टरों को काबू किया है। इनके पास स पुलिस ने हथियार और लूट के वाहन भी बरामद किए हैं।
वहीँ चंडीगढ़ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए एडीजीपी एवं एजीटीएफ के प्रमुख प्रमोद बान ने बताया कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने आरोपियों से नौ हथियार और पांच लूटे गए वाहन बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन को जालंधर देहात पुलिस ने अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए गैंगस्टरों के पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदरल सिंह रिंदा, कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़, विक्रम बराड़ के साथ तार जुड़े है । विक्रम बराड़ विदेश में बैठ कर इस गैंग को चला रहा रहा है।
एडीजीपी प्रमोद बान ने कहा कि यह समूह कई पड़ोसी राज्यों में सक्रिय था और हत्या, हत्या के प्रयास, सशस्त्र डकैती, संगठित रंगदारी, डकैती और नशीली दवाओं की तस्करी सहित अपराधों में शामिल था।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान नकोदर निवासी यासीन अख्तर उर्फ जैसी पुरेवाल, नया शहर बडाला के सागर सिंह, समराला के अमर मलिक, लोहियां की नवी, नकोदर का अंकुश सभरवाल उर्फ पाया, ऊना के सुमित जसवाल उर्फ काकू, फिल्लौर का अमनदीप उर्फ शूटर, फिल्लौर के शिव कुमार उर्फ शिव, नकोदर का विशाल उर्फ फौजी और कपूरथला के अन्नू उर्फ पहलवान के रूप में हुई है। गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्ति हिस्ट्रीशीटर हैं और जघन्य अपराधों में वांछित हैं।
एडीजीपी एवं एजीटीएफ के प्रमुख प्रमोद बान ने बताया कि पूछताछ के दौरान गैंगस्टरों ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया पूछताछ में पता चला कि पकड़े गए गैंगस्टर होशियारपुर जेल में बंद गैंगस्टर मनी राणा और लुधियाना जेल में बंद अनु नामक गैगस्टर को छुड़ाने की फिराक में थे। मणि राणा की ऊना में पेशी है उसी दौरान गैगस्टर रास्ते में मणि राणा को पुलिस की हिरासत से छुड़ाने का प्लान कर रहे थे। इसकी बाकायदा इन्होंने रेकी भी की थी। पुलिस ने इनकी प्लानिंग को नाकाम कर दिया है।