जालंधर : व्यापारी नेता भरत कुमार काकड़िया ने कहा हम पिछले 1 साल से इस महामारी से गुजर रहे हैं। कुछ लोगों पर इस वायरस का अधिक प्रभाव पड़ा है। समाज का अधिकतर हिस्सा बर्बाद हो गया है। सरकार, धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं इंसानियत के लिए बहुत कुछ कर रही हैं। इंसानी जिंदगी का नुकसान, आमजन का नुकसान, तनख्वाह में कटौती के इलावा इस महामारी का सबसे अधिक नुकसान शिक्षा को हुआ है।
जैसे की हम सब जानते हैं कक्षा में होने वाली पढ़ाई हर जगह बंद हो गई है और हम यह भी नहीं कह सकते कि यह कब शुरू होगी। सब जगह ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है क्योंकि कोई और जरिया उपलब्ध नहीं है।गरीब परिवारों के बच्चे इस सुविधा से बुरी तरह वंचित रह रहे हैं क्योंकि उनके पास इसके लिए जरूरी उपकरण ( मोबाइल फोन और कंप्यूटर) और नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, जो कि बहुत जरूरी है।
छोटे बच्चे जिन्हें अभी प्लेवे स्कूल में जाना है उन्हें भी अभी और इंतजार करना होगा। मैं संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से यह विनती करता हूं कि वह आगे आए और यह शपथ लें कि वे अपनी आर्थिक क्षमता अनुसार मोबाइल फोन और कंप्यूटर, चाहे नए या पुराने, गरीब और जरूरतमंद बच्चों को मुहैया करवाएं जो इस कारण अपनी पढ़ाई को जारी रखने में असमर्थ है।
उन्होंने कहा लोगों को आगे आकर उन बच्चों की मदद करनी चाहिए जो आगे पढ़ना चाहते हैं लेकिन अपने परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत या नौकरी छूट जाने के कारण ऐसा नहीं कर सकते। उनका कहना है पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया।