नेशनल न्यूज़ : परिवहन विभाग ने वाहन प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। ट्रांसपोर्ट विभाग ने पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नया सॉफ्टवेयर अपडेट लागू किया है। अब गाड़ी की आरसी (RC) से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) के बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं बन पाएगा।अब प्रमाण पत्र जारी करने से पहले वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। इस ओटीपी को दर्ज करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी होगी। बता दे बिना वैध प्रमाण पत्र वाले वाहनों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है।
अब वाहन स्वमी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा और उस ओटीपी को फीड करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया होगी। जबकि अभी तक पोर्टल पर यह प्रक्रिया नहीं होती थी।
क्यों खड़ी हुई वाहन मालिकों के सामने नई मुसीबत?
इस नए नियम ने उन लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं जिनकी आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है या फिर पुराने नंबर लिंक हैं जो अब बंद हो चुके हैं। इसके अलावा, कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने पुरानी गाड़ियां खरीदी हैं लेकिन आरसी को अपने नाम पर ट्रांसफर नहीं करवाया, जिससे रिकॉर्ड में अभी भी पुराने मालिक का नंबर ही दर्ज है।
कैसे अपडेट करें अपना मोबाइल नंबर?
यदि आपका नंबर आरसी से जुड़ा नहीं है, तो आपको RTO ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ेंगे। आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार:
आपको आरटीओ में जाकर दस्तावेज सत्यापित (Verify) कराने होंगे।
इसके बाद संबंधित क्लर्क और आरटीओ अधिकारी द्वारा आवेदन को अप्रूव किया जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 3 से 4 दिन का समय लग सकता है।
चालान से बचने के लिए जरूरी कदम
सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि सभी वाहन मालिकों के सही संपर्क सूत्र विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज हो सकें। अक्सर चालान कटने पर वह सही पते या नंबर तक नहीं पहुँच पाता था। विभाग का मानना है कि अब इस अनिवार्य ओटीपी प्रक्रिया से वाहन मालिकों का डेटाबेस अपडेट हो जाएगा और ऑनलाइन चालान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपना मोबाइल नंबर अपडेट करवा लें ताकि जुर्माने से बचा जा सके।












