नैशनल न्यूज़ : 9 महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सुनीता विलियम्स, निक हेग, बुच विल्मोर और अलेक्जेंडर गोर्बुनोव के साथ सुरक्षित धरती पर लौट आईं. ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिए सभी को धरती पर लाया गया. लैंडिग के बाद ड्रैगन से बाहर आते ही सुनिता विलियम्स और निक हेग समेत सभी अंतरिक्ष यात्रियों का पहला रिएक्शन सामने आया है.
दरअसल ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की सफल लैंडिंग के बाद सुनीता विलियम्स समेत सभी अंतरिक्ष यात्रियों को एक-एक कर बाहर निकाला गया. ड्रैगन से बाहर आते ही सुनीता विलियम्स ने कैमरे की ओर देखा और मुस्कुराकर हाथ हिलाया. उनके चेहरे पर कामयाबी की सफलता झलकती हुई दिख रही है। उन्होंने हाथ लहराते हुए सभी का शुक्रिया किया।
भारतवंशी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर अपने सबसे लंबे समय तक रहने का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। सुनीता ने एक ही मिशन में 286 दिन तक अंतरिक्ष में रहकर इतिहास रचा और नासा के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया।
इससे पहले, अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री फ्रैंक रूबियो के नाम एक दौरे में सबसे ज्यादा दिनों तक आईएसएस पर रहने का रिकॉर्ड था। वहीं, मार्क वांडे हेई ने 355 दिन इस अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए हैं, जो अब तक का सबसे लंबा रिकॉर्ड है। इसके बाद स्कॉट केली, क्रिस्टिना कॉश और पेगी व्हिट्सन का नाम आता है।
दरअसल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पिछले नौ महीने से फंसी नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर आज सुबह स्पेसएक्स के यान से पृथ्वी पर पहुंच गए. दोनों अंतरिक्ष यात्री नौ महीने पहले बोइंग की एक परीक्षण उड़ान के जरिए अंतरिक्ष केंद्र में पहुंचे थे. बुच विल्मोर और भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स ने दो अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मंगलवार को स्पेसएक्स कैप्सूल पर सवार होकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को अलविदा कहा था.
कैप्सूल अमेरिका के पूर्वी तटीय समयानुसार, सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक बजे (भारतीय समुयानुसार पूर्वाह्न 10:30बजे) के कुछ समय बाद अंतरराष्ट्रीय केंद्र से अलग हुआ और इसके मौसम अनुकूल होने पर पूर्वी तटीय समयानुसार पांच बजकर 57 मिनट (भारतीय समयानुसार मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात तीन बजकर 27 मिनट पर) पर फ्लोरिडा तट पर उतरा.











