नई दिल्ली : केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने कंपनियों को बड़ी राहत दी है. अब वे कंपनियां भी टेम्परेरी आइडेंटिफिकेशन नंबर (TIN) ले सकती हैं जिन्हें जीएसटी रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है, लेकिन जीएसटी अधिनियम के तहत टैक्स का भुगतान करना अनिवार्य है.
पिछले महीने जीएसटी परिषद (GST Council) की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि उन संस्थाओं को TIN जारी किया जाएगा, जिन्हें नियमित रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है. CBIC का यह कदम टैक्स पेमेंट को सुगम बनाने और टैक्सपेयर्स पर अनुपालन का बोझ कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इससे सरकार को राजस्व संग्रह में सुधार और टैक्स प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी. इससे उन संस्थाओं पर कंप्लायंस का बोझ कम होगा, जो *नियमित टैक्स योग्य गतिविधियों में शामिल नहीं हैं.
जीएसटी नियमों के तहत विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में क्रमश: 40 लाख व 20 लाख रुपये के सालाना कारोबार वाले व्यवसायों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है।बोर्ड ने केंद्रीय जीएसटी अधिनियम में नियम 16ए पेश करते हुए कहा, जहां कोई व्यक्ति प्रावधान के तहत पंजीकरण के लिए उत्तरदायी नहीं है, लेकिन कर भुगतान जरूरी है, वहां उचित अधिकारी उस व्यक्ति को एक अस्थायी पहचान संख्या दे सकता है।













