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स्थायी लोक अदालत ने नगर निगम को कूड़ा स्थल से उत्पन्न जन-असुविधा रोकने के निर्देश दिए

स्थायी लोक अदालत ने नगर निगम को कूड़ा स्थल से उत्पन्न जन-असुविधा रोकने के निर्देश दिए
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जालंधर : स्थायी लोक अदालत (लोक उपयोगिता सेवाएं), जालंधर ने दिनांक 03.10.2025 को मामला संख्या 906/2025 में निर्णय सुनाया है, जो अर्बन एस्टेट वेलफेयर सोसाइटी (रजि०) द्वारा दायर किया गया था। दालत ने नगर निगम, जालंधर को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि अर्बन एस्टेट फेज़-II में पेट्रोल पंप के पास स्थित कूड़ा संग्रह स्थल का संचालन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुरूप सही ढंग से किया जाए। नगर निगम, जालंधर के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्री कृष्ण ने अदालत के समक्ष यह आश्वासन दिया कि उक्त स्थल कोई स्थायी डंप साइट नहीं, बल्कि केवल एक अस्थायी ट्रांसफर स्टेशन (Secondary Collection Point) है, जहाँ से समस्त कूड़ा प्रतिदिन वरियाना डंप साइट तक ले जाया जाएगा। इस मामले की पैरवी अधिवक्ता जे.पी. सिंह द्वारा की गई। माननीय पीठ — श्री जगदीप सिंह मारोक (अध्यक्ष), सुश्री सुषमा हंडू, और इंजि. डी.के. शर्मा (सदस्य) — ने नगर निगम द्वारा दिया गया यह आश्वासन रिकॉर्ड पर लेते हुए उसे बंधनकारी (binding) घोषित किया। यह निर्णय अर्बन एस्टेट क्षेत्र में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को बनाए रखने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। “यह आदेश इस बात को पुनः स्थापित करता है कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा किसी भी प्रशासनिक सुविधा से अधिक महत्वपूर्ण है।” — अधिवक्ता जे.पी. सिंह