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फिल्म ‘शूटर’ के निर्माता के खिलाफ FIR रद्द, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दी राहत

फिल्म ‘शूटर’ के निर्माता के खिलाफ FIR रद्द, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दी राहत
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चंडीगढ़ : पंजाब-हरियाणा उच्चन्यायालय ने फिल्म शूटर के निर्माता केवल सिंह उर्फ केवी ढिल्लों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है।आरोप था कि यह फिल्म युवाओं को हिंसा के लिए उकसाती है और समाज में अशांति तथा नफरत फैलाती है। लेकिन अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह एफआईआर रद्द कर दी है।

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न्यायालय ने सिनेमाटोग्राफ अधिनियम, 1952 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अधिनियम फिल्मों के प्रमाणन के लिए एक पूर्ण और विश्वसनीय प्रक्रिया प्रदान करता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई दृश्य अथवा संवाद संविधान के अनुच्छेद 19 के अंतर्गत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा में रहते हुए निर्मित किया गया हो। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जब किसी फिल्म को वैधानिक प्राधिकरण द्वारा प्रमाणित कर दिया जाता है, तब यह मान लिया जाता है कि फिल्म की विषयवस्तु विधिक मानकों के अनुरूप है। यदि किसी व्यक्ति को फिल्म की विषयवस्तु से आपत्ति है, तो वह कानून के अनुसार अपील या पुनरीक्षण का विकल्प चुन सकता है। इस मामले में न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार अथवा किसी अन्य व्यक्ति ने फिल्म की प्रमाणिकता को किसी वैधानिक मंच पर चुनौती नहीं दी है। प्राथमिकी केवल फिल्म के ट्रेलर को देखकर दर्ज की गई थी, जबकि शिकायतकर्ता ने पूरी फिल्म देखे बिना ही इसे आपत्तिजनक मान लिया।

एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 153, 153-ए, 153-बी, 160, 107 और 505 के अंतर्गत आरोप लगाए गए थे। किंतु न्यायालय ने इन धाराओं के तत्वों का परीक्षण करने के बाद यह पाया कि इनका कोई भी तत्व फिल्म निर्माता के विरुद्ध लागू नहीं होता। न्यायालय ने यह भी कहा कि फिल्म में न तो किसी धर्म, नस्ल, भाषा, जाति या क्षेत्र के प्रति घृणा या वैमनस्य फैलाने की कोई बात है। न कोई ऐसा संवाद या दृश्य है, जिससे सार्वजनिक अशांति या शत्रुता उत्पन्न हो। इस आधार पर न्यायालय ने फिल्म निर्माता केवल सिंह के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को निराधार मानते हुए उसे पूर्णतः रद्द कर दिया।