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ना फास्टैग - ना टोल प्लाजा , एक मई से नया टोल कलेक्शन सिस्टम होने जा रहा लागू

ना फास्टैग - ना टोल प्लाजा , एक मई से नया टोल कलेक्शन सिस्टम होने जा रहा लागू
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नेशनल न्यूज़ : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा एलान किया है, जो भारत में हाईवे पर टोल वसूलने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत सरकार 1 मई 2025 से देशभर में हाईवे पर टोल संग्रह का तरीका बदलने जा रही है। टोल टैक्स जमा करने के लिए अब तक FASTag (फास्टैग) का इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन अब उसकी जगह एक नया जीपीएस आधारित टोल सिस्टम लाया जा रहा है।

सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अगले 15 दिनों के भीतर एक नई टोल नीति लेकर आएगी। गडकरी ने कहा, "केंद्र सरकार जल्द ही एक नई टोल नीति पेश करने जा रही है। मैं अभी इसके बारे में ज्यादा नहीं कहूंगा, लेकिन अगले 15 दिनों के भीतर इस नई नीति की घोषणा कर दी जाएगी। जब यह लागू हो जाएगी, तो किसी को टोल को लेकर कोई शिकायत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।"

ऐसे में रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत सरकार 1 मई 2025 से देशभर में हाईवे पर टोल संग्रह का तरीका बदलने जा रही है। टोल टैक्स जमा करने के लिए अब तक FASTag (फास्टैग) का इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन अब उसकी जगह एक नया जीपीएस आधारित टोल सिस्टम लाया जा रहा है। इस नई व्यवस्था का मकसद है टोल वसूली को ज्यादा आसान, सटीक और पारदर्शी बनाना। साथ ही हाईवे पर जाम की समस्या को भी कम करना।

GPS बेस्ड टोल सिस्टम होगा शुरू

GPS बेस्ड टोल सिस्टम में वाहनों में ऑन-बोर्ड यूनिट (OBU) नाम का एक डिवाइस लगाया जाएगा जो अब तक चल रहे FASTag सिस्टम की जगह लेगा।यह डिवाइस GNSS यानी ग्लोबल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम तकनीक के जरिए गाड़ी की मूवमेंट को ट्रैक करेगा। जब कोई वाहन हाईवे पर चलेगा, तो वह कितनी दूरी तय कर रहा है, उसका रिकॉर्ड OBU के जरिये होगा। उसी हिसाब से टोल की रकम तय की जाएगी और वो सीधे ड्राइवर के बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट से कट जाएगी।

यानी जितनी दूरी आप हाईवे पर तय करेंगे, उतना ही टोल आपके अकाउंट से अपने आप कट जाएगा। खास बात ये है कि लोगों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी।