आचार्य चाणक्â€य के अनुसार अगर आप इन 4 का साथ दोगे तो हमेशा कष्â€टों से घिर रहेंगे
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Chanakya Niti : आचार्य चाणक्â€य को एक महान सलाहकार, रणनीतिकार, दार्शनâ€िक माना जाता था और साथ ही वेदों व पुराणों का संपूर्ण ज्ञान प्राप्â€त था। इसी ज्ञान के आधार पर उन्â€होंने मनुष्â€य के जीवन से जुड़ी व्â€यावहाारिक बातें बताई हैं। चाणक्â€य नीति में एक श्â€लोक के माध्â€यम से बताया गया है कि यदि मनुष्â€य इन 4 चीजों का साथ देगा तो फिर वह सदैव कष्â€टों से घिरा रहेगा। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये 4 चीजें......
1. मूर्ख शिष्â€य को उपदेश
आचार्य चाणक्â€य नीति के अनुसार मूर्ख शिष्â€य को उपदेश देने से कोई लाभ नहीं होता है। करता वो वही है जो उसका मन करता है। यहां मूर्ख शिष्य से तात्â€पर्य उनका ऐसे लोगों से है जो अपने आगे किसी की नहीं सुनते हैं। जो लोग किसी की बात नहीं सुनते हैं उन्â€हें किसी प्रकार का ज्ञान देना अपना समय व्â€यर्थ करने के समान हैं और जो लोग ऐसे मूर्खों के पीछे अपना समय नष्â€ट करते हैं वे सदैव कष्â€टों से घिरे रहते हैं।
2. ऐसी महिलाएं
आचार्य चाणक्य ने ऐसी महिलाओं को भी गलत माना है जो सिर्फ अपनी चलाती हैं और घर में किसी बात नहीं सुनती। उनका कहना है जो महिलाएं अपने परिवार को साथ लेकर नहीं चलती। पति, संतान और माता-पिता के बारे में जरा भी नहीं सोचतीं ऐसी महिलाओं से दूरी बनाकर रखने में ही समझदारी है। ऐसी महिलाएं अपने साथ-साथ उन लोगों का भी नुकसान करवा देती हैं, जो उनसे जुड़े होते हैं।
3. धन नष्â€ट होने के बारे में सोचना
ऐसे लोग जो हमेशा सिर्फ पैसों के बारे में सोचते हैं यानी कि उन्â€हें सिर्फ धन के नष्â€ट होने का डर सताता रहता है और इस वजह से जरूरी कार्यों में भी खर्च करने से दूर भागते हैं। ऐसे लोग सदैव कष्â€टों से घिरे रहते हैं, क्â€योंकि वे अपना धन अच्â€छे कार्यों में नहीं लगा पाते। ऐसे लोगों का धन उनके जाने के बाद और लोग प्रयोग करते हैं। इसलिए फालतू खर्च न करें, लेकिन जहां जरूरी हो वहां अवश्â€य खर्च करें।
4. दुखी व्â€यक्ति
आचार्य चाणक्â€य ने बताया कि हमें ऐसे लोगों से भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए जो सदैव परेशानियां गिनाते रहते हैं और सदैव नकारात्â€मक बातें करते हैं। ऐसे लोगों के साथ रहने से कहीं न कहीं नकारात्â€मकता आपके ऊपर भी हावी होने लगती है और आप कुछ भी अच्â€छा सोच ही नहीं पाते हैं। इसलिए ऐसे लोग जो हमेशा दुखों के बारे में बात करते रहते हैं उनसे दूर रहने में ही समझदारी है।
Disclaimer : इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
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