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किसानों ने फगवाड़ा में शूगर मिल के सामने लुधियाना-जालंधर हाईवे किया जाम, पुलिस ने ट्रैफिक रूट किया डायवर्ट

Farmers blocked Ludhiana-Jalandhar highway in front of Sugar Mill in Phagwara, police diverted traffic route
Farmers blocked Ludhiana-Jalandhar highway in front of Sugar Mill in Phagwara, police diverted traffic route
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[metaslider id=24944] [metaslider id=9199] किसान बोले- लंबा चलेगा आंदोलन जालंधर : खबर है कि आज जालंधर औऱ लुधियाना के मध्य फगवाड़ा में शूगर मिल के सामने हाईवे पर किसानों ने सुबह 9 बजे से धरना लगा दिया है। आपको बता दे कि यह धरना एक दिन या कुछ घंटों का सांकेतिक नहीं बल्कि स्थाई है। बता दे कि किसानों का चीनी मिल की तरफ करोड़ों रुपए बकाया है और वे उसके भुगतान की मांग कर रहे हैं। किसानों ने फिलहाल हाईवे की एक लेन लुधियाना से जालंधर वाली रोकी है। वहीँ किसान नेताओं का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांग न मानी तो हाईवे की दूसरी लेन ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब में सड़कें जाम कर दी जाएंगी। [metaslider id=25498] वहीँ धरने को देखते हुए जिला कपूरथला के तहत आते सब डिवीजन फगवाड़ा के पुलिस प्रशासन ने रूट डायवर्ट कर दिए हैं। वहीँ ट्रैफिक इंचार्ज फगवाड़ा अमन कुमार ने बताया कि किसानों के धरने के मद्दे नजर एसएसपी कपूरथला एसपी तथा फगवाड़ा प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्ट रूट प्लान जारी किया है। जिसके तहत जालंधर से दिल्ली जाने वाले ट्रैफिक को मेहटां बाइपास से भुल्लाराई, रोड से भेजा जाएगा। लाइट व्हीकल को मेहली बाइपास से हरगोबिंद नगर से जीटी रोड पर डायवर्ट किया गया है। हैवी व्हीकल बंगा से डायवर्ट किए गए हैं। इसी तरह जंडियाला से जाने वाला ट्रैफिक वाया हदियाबाद, गंढवा, मेहटां से एलपीयू होते हुए जालंधर डायवर्ट किया गया है। लुधियाना से जालंधर जाने वाला हैवी व्हीकल फिल्लौर- नूरमहल जंडियाला से होते हुए जालंधर, इसी तरह लाइट व्हीकल फगवाड़ा के गांव मौली से हदिया बाद गंढ व मेहटां एलपीयू से होते हुए जालंधर पहुंचेगा। वहीँ किसानों का कहना है कि मिल के पास किसानों का 72 करोड़ रुपया बकाया फंसा हुआ है। सरकार से भी कई बार कह कर देख लिया लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा है। सरकार के मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक आश्वासन पर आश्वासन देते हैं लेकिन पैसा कोई नहीं दिलवा पा रहा है। किसानों का कहना है कि उनका करोड़ों रुपया मिल के पास फंसा हुआ है लेकिन ना तो सरकार इसे गंभीरता से ले रही है और ना ही शूगर मिल के प्रबंधक पैसे देने का नाम ले रहे हैं। [metaslider id=11116]