समूह वाल्मीकि समाज की अलग-अलग संस्थाओं से समाज के बुद्धिजीवी इकट्ठा हुए और राणा जंग बहादुर के खिलाफ एक्शन लेने के लिए अगली रणनीति तैयार की गई और सरकार को भी चेतावनी दी गई कि अगर उसके खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई नहीं की गई समूह वाल्मीकि समाज की ओर से सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए विवश होना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी मीटिंग में शामिल होने वालों में प्रमुख दलित नेता श्री चंदन ग्रेवाल जी,
बिशन दास सहोता, अशोक भील, रिशी सहोता, राजू खोसला, लाला कुराली, सुखी कुराली, नरिंदर थापर, मनीष गिल, विजय अटवाल, सोनू हंस, दीपक नाहर, विनोद नाहर, अनिल हंस, अमित सभरवाल, मनीष विर्क, अमन गिल, लक्की नाहर, बब्बू थापर, अश्वनी बब्बो, कमल किशोर, टोनी खोसला, समीर वैद, सुरज सोहता, विशु मट्टू, सनी हंस, विशाल द्रविड़, चंदन खोसला, सनी हंस, दीपक थापर, और भी बड़ी संख्या में साथी शामिल हुऐ और सभी साथियों ने अपने विचार रखे .
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