पीड़ित के भाई आकाश कुमार ने बताया कि राहुल का फोन उसे देर रात करीब तीन बजे आया। जिस पर राहुल ने कहा कि मुझे बचा लो। जब मैं मौके पर पहुंचा तो GM व मैनेजर उसे डंडो से बुरी तरह पीट रहे थे और बाद में हम दोनों को अंदर ले जाकर ब्लेंक कागज पर दस्तखत करवा लिए।
पीड़ित का कहना है कि उनसे बचने के खातिर उन्होंने दस्तखत कर दिए। जिसके बाद उनकी जान बची। इस दौरान सुचना मिलने पर मौके पर कवरेज करने पहुंचे
मीडिया कर्मी पर भी GMऔर मैनेजर द्वारा हमला कर कैमरा छीनने की कोशिश की गई। मामला पुलिस के पास पहुंच गया है जिस पर एएसआई बलविंदर सिंह ने कहा कि पीड़ित के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। और एमएलआर की रिपोर्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। बता दें युवक की पीठ, कंधे, हाथ व गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं।
अस्पताल में भर्ती राहुल ने बताया कि मारपीट के दौरान पीसीआर पहुची थी, परंतु GM व मैनेजर के कहने पर पुलिस ने कोई करवाई नही की और वहाँ से खिसक लिए। देखना यह है कि प्रशासन कि तरफ से दिहाड़ीदार मजदुर को इंसाफ मिलता है या नहीं ! या पुलिस प्रशासन पैसे वालो के दबाव में आ कर मामले को रफा दफा करती है ?
क्या मीडिया कर्मी पर हमला करने वालो पर भी कोई कार्यवाही की जाएगी या नहीं ?
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