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बजट 2021 : जानिए कौन सी चीजें हुई सस्ती और किस सामान की खरीदारी पर ढीली होगी जेब

Budget 2021: Know which items are cheap and which items will be expensive
Budget 2021: Know which items are cheap and which items will be expensive
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[metaslider id="711"] नई दिल्ली (सनी ): केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एक फरवरी 2020 को संसद में बजट पेश किया गया। इस बजट में लोगों को राहत देने की कोशिश की गई। हर बार की तरह इस बार भी बजट के बाद कुछ चीजें महंगी हुई और कुछ चीजें सस्ती हुई। शराब पीना होगा महंगा  वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि नया कृषि विकास सेस कल से ही लागू हो जाएगा। इस हिसाब से कल से शराब पीना भी महंगा होगा। क्योंकि इस बार बजट में मादक पेय पर 100 प्रतिशत कृषि सेस लगाया है। पेट्रोल-डीजल भी महंगे  इसके साथ ही बजट में पेट्रोल पर 2.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 4 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से कृषि सेस लगाया गया है। ऐसे में इनकी कीमत कल से ही बढ़ने की संभावना है। मोबाइल, रेफ्रिजरेटर, चार्जर भी महंगे सरकार ने मोबाइल फोन के पुर्जों तथा चार्जर पर आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। स्थानीय मूल्यवर्धन को बढ़ाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। इससे मोबाइल फोन महंगे हो सकते हैं।  खाने के तेल पर सेस, पर नहीं होगा महंगाई का असर बजट में कच्चे तेल पर 17.5% कृषि सेस, कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर 20% का सेस लगाया है। लेकिन ग्राहकों पर इससे कीमतों का अतिरिक्त भार ना पड़े इसके लिए इन पर बेसिक सीमा शुल्क (बीसीडी) में कटौती की गई है। सस्ता हो सकता है सोना-चांदी  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट प्रस्तावों में सोने और चांदी पर आयात शुल्क में भारी कटौती की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क में 5 फीसदी की कटौती की है। मालूम हो कि वर्तमान में सोने पर 12.5 फीसदी आयात शुल्क चुकाना पड़ता है। इस तरह से अब सोने और चांदी पर सिर्फ 7.5 फीसदी आयात शुल्क चुकानी होगी। सेब, खाद, चमड़ा भी महंगा  सरकार ने चमड़ा पर सीमा शुल्क को 10% कर दिया है। मालूम हो कि पहले यह शून्य था. वहीं सेब पर 35% और खाद पर 5% का कृषि सेस लगाया है।  सूती कपड़े महंगे, सिंथेटिक सस्ते  सरकार ने कपास पर सीमा शुल्क को शून्य से बढ़ाकर 5% और कच्चे रेशम पर 10% से 15% कर दिया है। ऐसे में सूती कपड़े महंगे होंगे। हालांकि नायलॉन के धागे पर उत्पाद शुल्क 7.5% से घटकर 5% रह गया है।   source link