गोराया : जहाँ सरकार बेशक लाख दावे कर रही है कि नशे के कारोबार पर नकेल डाल दी है। वहीँ दूसरी तरफ जमीन से जुड़ी हकीकत यह है कि अब भी नशा वैसे ही बिक रहा है जैसे पहले बिकता था। बता दे कि युवक अभी भी नशे के टीके लगाकर या फिर ओवर डोज से वैसे ही मर रहे हैं जैसे पहले मरते थे, हालांकि अब इतना जरूर है कि लोगों में नशे को लेकर जागरूकता जरूर आ गई है। वहीँ अब लोग नशे के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। इसी के चलते जालंधर के फिल्लौर के गांव धुलेता में लोगों ने गांव में नशे से तंग आकर गुस्से में पुलिस चौकी को ताला जड़ दिया।
यहां लोगों में आक्रोश इस बात को लेकर था कि गांव में एक युवक की नशे के कारण मौत हो गई। इस पर लोग भड़क उठे कि गांव में पुलिस चौकी है, लेकिन फिर भी गांव में नशा बेचने वाले क्यों पकड़े नहीं जा रहे हैं। बहुत से घर नशे के कारण उजड़ गए हैं। वहीँ लोगों का आरोप था कि गांव में नशा पुलिस वालों की नाक के नीचे बिकता है। लोगों ने कहा पुलिस नशे के सौदागरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती।
वहीँ पुलिस चौकी के आगे धरना लगाकर बैठे गांव वासियों ने कहा कि वैसे तो अराजक तत्वों को पकड़ना पुलिस का काम है, लेकिन अब यह काम भी लोगों को करना पड़ेगा। इसलिए ही पुलिस चौकी पर ताला लगाया है और गांव वाले खुद नशा तस्करों से निपटेंगे। खुद नशे से युवकों को बचाने के लिए प्रयास शुरू करेंगे और गांव में नाकाबंदी शुरू करेंगे। गांव में किसी भी सूरत में नशा नहीं बिकने दिया जाएगा।
वहीँ लोगों के प्रदर्शन को देखते हुए डीएसपी फिल्लौर और थाना प्रभारी गोराया मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया और उन्हें यह आश्वासन देकर शांत किया कि जल्द ही गांव में नशा बेचने वाले सलाखों के पीछे होंगे। वहीँ पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि गांव में पुलिस पूरी नजर रखेगी और नशा बेचने वालों की धरपकड़ करेगी।