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गजनी फेम एक्टर प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन

बॉलीवुड न्यूज़ : सिनेमा जगत से दुखद खबर है। साउथ से लेकर बॉलीवुड की ‘गजनी’ और ‘लगान’ जैसी फिल्मों और टीवी शो ‘महाभारत’ में नजर आ चुके दिग्गज एक्टर प्रदीप रावत अब हमारे बीच नहीं रहे। मंगलवार 04 अगस्त को उनका निधन हो गया। आज बुधवार को वे अपने अंतिम सफर पर रवाना हुए। परिवार और करीबी दोस्तों के अलावा आमिर खान, रजा मुराद समेत कई बॉलीवुड सेलेब्स उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।प्रदीप रावत पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उनके अंतिम संस्कार के वक्त आमिर खान भावुक नजर आए। प्रदीप के आखिरी दर्शन करने आशुतोष गोवारिकर भी पहुंचे।

कैंसर से जूझते उनका निधन हो गया और अपने पीछे कई कहानियां छोड़ गए हैं।कैंसर जैसी बीमारी से वो लंबे समय से जूझते रहे और इसी के साथ वे काम भी करते रहे थे। एक बार एक इंटरव्यू में उन्होंने स्टेज 4 कैंसर के दर्द की कहानी खुद सुनाई थी।

सिद्धार्थ कन्नन को दिए एक इंटरव्यू में प्रदीप रावत ने बताया था कि गंभीर बीमारी के बावजूद उन्होंने आखिरी समय तक काम करना नहीं छोड़ा। साल 2024 में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि कैसे दिल की गंभीर बीमारी, बाईपास सर्जरी और चौथे स्टेज के कैंसर जैसी चुनौतियों के बाद भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

अपने इस इंटरव्यू में प्रदीप रावत ने कहा था कि उन्होंने जिंदगी की सच्चाई को स्वीकार कर लिया है और उन्हें पूरा भरोसा है कि उनके जाने के बाद भी लोग उनके काम को हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने इस बारे में बातें करते हुए कहा था, ‘जब भी मैं आखिरी बार अपनी आंखें बंद करूंगा, सिनेमा के इतिहास में मेरा नाम कहीं न कहीं अंकित रहेगा।’

प्रदीप रावत ने बताया था कि उनकी सेहत की परेशानी की शुरुआत एक दक्षिण भारतीय फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई। एक फाइट सीन करते समय अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उन्होंने बताया, ‘मैं एक साउथ इंडियन फिल्म में फाइट सीन शूट कर रहा था, तभी अचानक मेरी सांस फूलने लगी। शूटिंग खत्म होने के बाद मैंने अपनी जांच करवाई क्योंकि मुझे लगा कि मुझे दिल की कोई समस्या हो गई है।’

दरअसल डॉक्टरी जांच में ये पता चला कि उनके दिल की पांच नसों में 90 प्रतिशत से ज्यादा ब्लॉकेज था। डॉक्टरों ने तुरंत एंजियोप्लास्टी और स्टेंट लगाने की सलाह दी। हालांकि, उनकी पत्नी ने उन्हें कुछ समय इंतजार करने को कहा क्योंकि उस समय वे कई ऐसी फिल्मों में काम कर रहे थे जिनमें भारी-भरकम एक्शन सीन थे। प्रदीप रावत ने इस बारे में बातें करते हुए उस समय कहा था, ‘उस समय मेरी दो-तीन बड़ी फिल्में चल रही थीं जिनमें एक्शन सीक्वेंस थे। ब्लॉकेज होने का मतलब यह नहीं था कि मैं बिस्तर पर पड़ा रहूं और काम करना बंद कर दूं।’

बाद में मुंबई के एशियन हार्ट हॉस्पिटल में हुई जांच में पता चला कि उनके दिल में छह जगह गंभीर ब्लॉकेज हैं। इसके बाद उनकी बाईपास सर्जरी हुई। इस दौरान उनका करीब 20 किलो वजन भी कम हो गया।

सर्जरी से उबरने के कुछ समय बाद उन्हें एक और बड़ा झटका लगा। उन्होंने बताया था, ‘फिर मैंने अपने मल में खून देखा। जांच करवाने के बाद मुझे पता चला कि मुझे स्टेज 4 कैंसर है।’उन्होंने कहा कि परिवार के कुछ कहने से पहले ही उन्हें उनके चेहरे देखकर बीमारी का अंदाजा हो गया था। उन्होंने कहा, ‘घर में सब लोग सदमे में थे और रोने लगे। रिपोर्ट देखने के बाद जब वे मेरे पास आए तो मैं उनके चेहरों से समझ गया कि यह कैंसर है।’

उस मुश्किल समय में उन्होंने खुद टूटने के बजाय अपने परिवार को संभालने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ‘मैं ही उन्हें सांत्वना दे रहा था। बाईपास सर्जरी के बाद मेरा 20 किलो वजन कम हो गया था और फिर वही 20 किलो वजन दोबारा कम हो गया।’

एक्टर ने बताया था कि साल 2016 में उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी और 2018 में उन्हें स्टेज-4 कैंसर होने की जानकारी मिली। लेकिन इतने बड़े स्ट्रगल के बावजूद उन्होंने कभी मौत का डर अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने अपनी इस बीमारी के बारे में बातें करते हुए तब कहा, ‘एक पल के लिए भी मुझे यह महसूस नहीं हुआ कि मेरे साथ कुछ होगा। मैं अपने परिवार को हिम्मत देता था। आज भी मैं हर दिन दो घंटे एक्सरसाइज करता हूं, और मैं किसी भी चीज के लिए तैयार हूं।’

प्रदीप रावत का फिल्मी सफर

प्रदीप रावत ने चार दशक से भी ज्यादा समय तक हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली, भोजपुरी, नेपाली और मराठी फिल्मों में काम किया। उन्होंने 1980 के दशक में अभिनय की शुरुआत की, लेकिन उन्हें असली पहचान बीआर चोपड़ा के मशहूर टीवी सीरियल ‘महाभारत’में गुरु द्रोणाचार्य के बेटे अश्वत्थामा का रोल निभाकर मिली। इसके बाद ‘गजनी’ और एस.एस. राजामौली की ‘सई’ जैसी फिल्मों में उनके निभाए विलन के किरदारों ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार विलन की सूची में शामिल कर दिया। जीवन के आखिरी समय में वे लगातार फिल्मों में एक्टिव रहे। ‘वाल्टेयर वीरय्या’, ‘गुलू गुलू’ और ‘छावा’ उनकी आखिरी फिल्मों में शामिल रहीं।


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