नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस द्वारा शनिवार (18 जुलाई) की सुबह नीट पेपर लीक और धर्मंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को हटाया गया है. दिल्ली पुलिस उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गई है. पिछले 20 दिन से सोनम वांगचुक भूख-हड़ताल पर बैठे थे.
पूरे वाक़ये पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि वह थोड़ी देर के लिए धरना स्थल से बाहर गए थे.
उन्होंने बताया, ”जब मैं यहाँ से सुबह सात बजे फ़्रेश होने के लिए निकला तभी पुलिस के लोग आए और सोनम सर को घसीटकर ले गए. भूख हड़ताल पर बैठे 60 साल के शख़्स को पुलिस ज़बरदस्ती ले गई. जब मैं अपने दोस्त के घर से जंतर-मंतर की ओर आ रहा था, तभी मुझे ख़बर मिली कि सोनम सर को पुलिस ले गई.”
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने मामले पर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को उनकी ठहरने की जगह पर रोक लिया है. मुझे लोगों से पता चला है कि सोनम वांगचुक को विरोध स्थल से उठाया जा रहा है. छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है. बता दें कि सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं.
जंतर-मंतर पर सीजेपी की अगुवाई चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्च का ऐलान किया था. हालांकि इससे पहले ही सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटा लिया गया है. वहीं छात्रों को भी हटने के लिए कहा गया है.
वहीँ अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट की ओर से जारी बुलेटिन में बताया गया है कि सोनम वांगचुक ने ड्रिप और मुंह से किसी भी तरह का तरल पदार्थ लेने से मना कर दिया है.
सफ़दरजंग अस्पताल ने बताया है कि सोनम वांगचुक की पल्स, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सेचुरेशन स्थिर है और शरीर में पानी की कमी के लक्षण देखे गए हैं.
अस्पताल ने कहा है कि उनके स्वास्थ्य के सर्वोत्तम हित में इलाज के लिए उनकी लगातार निगरानी की जा रही है और उन्हें उचित सलाह (काउंसलिंग) दी जा रही है.












