नेशनल न्यूज़ : रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे पर कई अहम समझौते हुए. भारत और रूस ने औद्योगिक साझेदारी, खाद्य सुरक्षा, चिकित्सा व शिपिंग में सहयोग बढ़ाया. पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया, जिससे भारत-रूस संबंध और मजबूत होंगे.
गुरुवार की शाम भारत दौरे पर पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अगले दिन की शुरुआत दिल्ली के राजघाट पहुंचकर शुरू की. जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए पुतिन कुछ देर मौन खड़े रहे. ये सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि शांति, अहिंसा और नैतिकता के उस संदेश की ताकत है जिसके लिए महात्मा गांधी दुनिया भर में जाने जाते हैं.
भारत और रूस के बीच कई अहम समझौते हुए. दोनों देश औद्योगिक साझेदारी बढ़ाने पर राजी हुए. भारतीय कंपनियों ने रूसी कंपनी के साथ एक यूरिया प्लांट रूस में ही स्थापित करने का समझौता किया. इसके अलावा भारत की FSSAI और रूस की उपभोक्ता सुरक्षा एजेंसी के बीच खाद्य सुरक्षा नियमों को मजबूत करने के लिए औपचारिक समझौते हुए. मेडिकल रिसर्च और हेल्थ सर्विस में सहयोग बढ़ाने के लिए कई MoU साइन किए गए. आने वाले समय में पुतिन का यह दौरा भारत के लिए रिफॉर्म, परफॉर्म से लेकर ट्रांसफॉर्म तक रास्ते खोलेगा.
बंदरगाह और शिपिंग ऑपरेशन में भारत-रूस के सहयोग को बढ़ाने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर हुए. दोनों देशों ने लोगों की आवाजाही को आसान बनाने और माइग्रेशन प्रक्रियाओं को सरल करने के लिए भी समझौते किए. राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से कहा गया कि दोनों देश आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों की दोस्ती को ध्रुव तारे की तरह अटल बताया.
मॉस्को रवाना हुए पुतिन
दौरे के आखिरी समय में पुतिन राष्ट्रपति भवन में आयोजित डिनर में शामिल हुए. जहां, पीएम मोदी और कई बड़ी हस्तियां भी मौजूद रहीं. इसके बाद पुतिन अपना भारत दौरा खत्म कर मॉस्को के लिए रवाना हो गए. इसी के साथ पुतिन का दो दिवसीय भारत दौरा खत्म हो गया.











