जालंधर : जालंधर में खाली प्लाटों की साफ सफाई करवाने संबंधी प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेशों को नजरअंदाज करने वालों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 289 प्लाट मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। प्रशासन द्वारा बी.एन.एस.एस. की धारा 163 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है आने वाले दिनों में और लोगों को भी इस तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
प्रशासनिक आदेशों के तहत 10 जुलाई तक प्लाटों की सफाई करवाने को कहा गया था। इसी कड़ी के अन्तर्गत आज डी.सी. डा. हिमांशु अग्रवाल द्वारा शहर में विभिन्न स्थानों पर जाकर निरीक्षण किया और नियमों का उल्लंघन करने वालों को जांच के दायरे में लाने के आदेश दिए गए। आर्दश नगर पहुंचे डी.सी. हिमांशु अग्रवाल ने मुख्य सड़क पर गंदगी से भरे प्लाट की सफाई करवाने हेतु संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए।
डी.सी. ने कहा कि जहां प्लांट की सफाई नहीं होगी वहां पर संबंधित सरकारी विभागों द्वारा कूड़ा हटवाया जाएगा। इस काम के लिए प्रशासन द्वारा सफाई का खर्च प्लॉट मालिक से वसूल किया जाएगा और खर्च जमा न करवाने वालों के खिलाफ राजस्व रिकॉर्ड में रैड एंट्री दर्ज की जाएगी। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि खाली प्लॉटों से कूड़ा-कचरा व अन्य अपशिष्ट पदार्थ हटवाना जरूरी है, प्लॉटों के चारों तरफ चारदीवारी या बाड़ लगानी होगी ताकि अवैध रूप से कूड़ा फैकनें पर रोक लगाई जा सके।
उन्होंने बताया कि उपरोक्त आदेशों का उल्लंघन करने पर निगम द्वारा 99, नगर कौंसिल आदमपुर द्वारा 14, नगर पंचायत अलावलपुर द्वारा 4, नगर कौंसिल भोगपुर द्वारा 25, नगर पंचायत बिलगा द्वारा 8, नगर कौंसिल गोराया द्वारा 9, नगर कौंसिल करतारपुर द्वारा 14, नगर पंचायत लोहियां खास द्वारा 29, नगर पंचायत मेहतपुर द्वारा 30, नगर कौंसिल नकोदर द्वारा 9, नगर कौंसिल फिल्लौर द्वारा 16, नगर कौंसिल नूरमहल द्वारा 5 और नगर पंचायत शाहकोट द्वारा 27 प्लाटों की पहचान की गई। जिले के कुल 289 प्लाट मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, आर्दश नगर के पास निगम की सफाई मशीनों से प्लाट में सफाई करवाई गई। इस मौके पर निगम कमिश्नर गौतम सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जन-स्वास्थ्य के हित में यह कदम उठाया जा रहा है, ताकि जिले के लोगों को बीमारियों से बचाया जा सके।













