Independence Day 2022 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से देश को किया संबोधित
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नई दिल्â€ली : प्रधानमंत्री नरेन्â€द्र मोदी ने सोमवार को 76वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से देश को किया संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 9वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। PM मोदी ने अपने भाषण में विश्व भर में फैले भारत प्रेमियों को, भारतीयों को आजादी के इस अमृत महोत्सव की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार, आत्मनिर्भर भारत सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
इस मौके PM मोदी ने कहा कि मौजूदा वक्â€त में भ्रष्टाचार और परिवारवाद दो ऐसी प्रमुख चुनौतियां हैं जिनका दायरा राजनीति तक ही सीमित नहीं हैं। उन्होंने देशवासियों से इन विकृतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने अगले 25 वर्षों में 'विकसित भारत' सुनिश्चित करने के लिए 'पांच प्रण' लेने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की मुख्य बातें...
पीएम मोदी ने कहा कि हम आजादी का अमृत महोत्â€सव मना रहे हैं। यह पिछले 75 वर्षों में देश के लिए जीवन को खपा देने वाले, राष्â€ट्र की सुरक्षा करने वाले और उसके संकल्â€पों को पूरा करने वाले लोगों के योगदान का स्â€मरण करने का मौका है। 75 साल की हमारी यह यात्रा अनेक उतार चढ़ावों से भरी रही है। हमारे देशवासियों ने अनेक उपलब्धियां हासिल और संकल्â€पों को ओझल नहीं होने दिया है।
पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी की आकांक्षा अंतिम छोर पर बैठे हुए व्यक्ति को समर्थवान बनाने की थी। मैंने खुद को उसके लिए समर्पित किया है। अमृतकाल देश की आकांक्षा को पूरा करने का सुनहरा मौका है। मौजूदा वक्â€त में दुनिया के हर कोने में हमारा तिरंगा आन बान शान के साथ लहरा रहा है। इसने हमारे देश के भीतर की सामर्थ्य को दिखा दिया है।
सरकारों को भी समय के साथ दौड़ना पड़ेगा। मुझे यकीन है केन्â€द्र हो या राज्â€य सरकारें या स्थानीय स्â€वराज्â€य की संस्â€थाएं हर किसी को इस आकांक्षी समाज को संबोधित करना पड़ेगा।
कोरोना महामारी में भारत ने 200 करोड़ डोज का लक्ष्â€य हासिल करके दुनिया को चौंका देने वाला काम किया। आज पूरी दुनिया भारत की तरफ गर्व से देख रही है। दुनिया अब समस्â€याओं का समाधान भारत की धरती पर खोजने लगी है। यह बदलाव 75 साल की हमारी अनुभव यात्रा का नतीजा है।
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे लगता है आने वाले 25 वर्षों के लिए हमें पंच प्रण पर फोकस करना होगा। पहला प्रण है कि देश बड़े संकल्â€प लेकर चले। दूसरा प्रण है हमें अपने मन और आदतों के भीतर गुलामी का कोई अंश बचने नहीं देना है। तीसरी प्रण यह कि हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए। चौथा प्रण एकता और एकजुटता का है। पांचवां प्रण नागरिकों का कर्तव्â€य है जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्â€यमंत्री भी शामिल हैं।
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