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Monday, 15 August 2022

Independence Day 2022 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से देश को किया संबोधित

Independence Day 2022: Prime Minister Narendra Modi addressed the nation from the ramparts of the Red Fort in the capital Delhi
Independence Day 2022: Prime Minister Narendra Modi addressed the nation from the ramparts of the Red Fort in the capital Delhi
[metaslider id=24944] [metaslider id=11116] नई दिल्‍ली : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सोमवार को 76वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से देश को किया संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 9वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। PM मोदी ने अपने भाषण में विश्व भर में फैले भारत प्रेमियों को, भारतीयों को आजादी के इस अमृत महोत्सव की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार, आत्मनिर्भर भारत सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस मौके PM मोदी ने कहा कि मौजूदा वक्‍त में भ्रष्टाचार और परिवारवाद दो ऐसी प्रमुख चुनौतियां हैं जिनका दायरा राजनीति तक ही सीमित नहीं हैं। उन्होंने देशवासियों से इन विकृतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने अगले 25 वर्षों में 'विकसित भारत' सुनिश्चित करने के लिए 'पांच प्रण' लेने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की मुख्य बातें... पीएम मोदी ने कहा कि हम आजादी का अमृत महोत्‍सव मना रहे हैं। यह पिछले 75 वर्षों में देश के लिए जीवन को खपा देने वाले, राष्‍ट्र की सुरक्षा करने वाले और उसके संकल्‍पों को पूरा करने वाले लोगों के योगदान का स्‍मरण करने का मौका है। 75 साल की हमारी यह यात्रा अनेक उतार चढ़ावों से भरी रही है। हमारे देशवासियों ने अनेक उपलब्धियां हासिल और संकल्‍पों को ओझल नहीं होने दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी की आकांक्षा अंतिम छोर पर बैठे हुए व्यक्ति को समर्थवान बनाने की थी। मैंने खुद को उसके लिए समर्पित किया है। अमृतकाल देश की आकांक्षा को पूरा करने का सुनहरा मौका है। मौजूदा वक्‍त में दुनिया के हर कोने में हमारा तिरंगा आन बान शान के साथ लहरा रहा है। इसने हमारे देश के भीतर की सामर्थ्य को दिखा दिया है। सरकारों को भी समय के साथ दौड़ना पड़ेगा। मुझे यकीन है केन्‍द्र हो या राज्‍य सरकारें या स्थानीय स्‍वराज्‍य की संस्‍थाएं हर किसी को इस आकांक्षी समाज को संबोधित करना पड़ेगा। कोरोना महामारी में भारत ने 200 करोड़ डोज का लक्ष्‍य हासिल करके दुनिया को चौंका देने वाला काम किया। आज पूरी दुनिया भारत की तरफ गर्व से देख रही है। दुनिया अब समस्‍याओं का समाधान भारत की धरती पर खोजने लगी है। यह बदलाव 75 साल की हमारी अनुभव यात्रा का नतीजा है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे लगता है आने वाले 25 वर्षों के लिए हमें पंच प्रण पर फोकस करना होगा। पहला प्रण है कि देश बड़े संकल्‍प लेकर चले। दूसरा प्रण है हमें अपने मन और आदतों के भीतर गुलामी का कोई अंश बचने नहीं देना है। तीसरी प्रण यह कि हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए। चौथा प्रण एकता और एकजुटता का है। पांचवां प्रण नागरिकों का कर्तव्‍य है जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्‍यमंत्री भी शामिल हैं। [metaslider id=25498] [metaslider id=9199] [metaslider id=711]