जालंधर : सिटी की फैक्ट्रियों में सुबह मुलाजिमों ने अभी काम शुरू ही किया था कि 24 घंटे बिजली कट के आदेश जारी हो गए। फिर दोपहर तक पावरकाॅम के अफसरों ने मैसेज भेजकर कहा कि 48 घंटे कट रहेगा। इंडस्ट्री के लोगों ने कहा कि यह पावरकाॅम के अफसरों की मिस मैनेजमेंट का उदाहरण है।
आप किसी सेक्टर में 48 घंटे का लाॅकडाउन कर रहे हैं लेकिन पहले कोई सूचना नहीं दे रहे, ये कैसी मैनेजमेंट है? कारोबारी संगठनों ने कहा कि गर्मी के सीजन में सप्लाई को लेकर पावरकाॅम ने कोई तैयारी नहीं की, जिसका खामियाजा फैक्ट्री संचालक झेल रहे हैं।
कारोबारियों ने कहा कोरोना काल में श्रमिक अपने गांवों को चले गए थे। जब उन्हें पता चलेगा कि दो दिन के लिए कारखाने बंद किए जा रहे थे तो वह वापस लौटने में देरी करेंगे। लाॅकडाउन में इंडस्ट्री को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। बाजार बंद थे। कारखानों में तैयार माल की बिक्री धीमी थी। अब हालात सामान्य हो रहे हैं तो अब पावरकॉम के लंबे बिजली कट ने कमर तोड़ दी है।