Latest news
सक्षम पंजाब न्यूज पेपर के मुख्य संपादक केवल कृष्ण की पत्नी स्वर्गीय मधुबाला की अंतिम शोक सभा में पहु... गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी पर सख्त कानून लागू, दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास और 25 लाख का जुर्माना नेपाल सरकार ने बढ़ाई सख्ती: भारत से तेल, मछली और दवा समेत कई उत्पादों की 'नो एंट्री' जालंधर में कबाड़ के गोदाम में लगी भीषण आग: 80 झुग्गियों समेत कई फैक्टिरयां आई चपेट में जालंधर में HDFC Bank के ATM पर महिला के खाते से ठगी स्कूल टीचर पर क्लास में Acid Attack, अध्यापक सहित 2 बच्चे आए चपेट में आम आदमी पार्टी के मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ED की रेड Bright Tution Academy के स्टूडेंट्स ने कक्षा 10th CBSE के रिजल्ट में अच्छे अंक प्राप्त किये जालंधर में टूर एंड ट्रैवल्स शॉप में नकाबपोश बदमाशों ने की बड़ी लूट MATHS COACHING CENTER के स्टूडेंट्स ने 10TH के रिजल्ट में अच्छे अंक प्राप्त किये

India Living News

Hot News
You are currently viewing मिठाई की दुकान व रेस्टोरेंट्स वाले हो जाएं सावधान, अक्टूबर से होगी सख्ती , ग्राहकों को मिलेगी ये सुविधा
fssai-makes-mandatory-for-restaurants-and-sweet-shops-to-mention-fssai-licence-no-on-invoice-bills-from-oct

मिठाई की दुकान व रेस्टोरेंट्स वाले हो जाएं सावधान, अक्टूबर से होगी सख्ती , ग्राहकों को मिलेगी ये सुविधा

नई दिल्ली : रेस्टोरेंट्स, मिठाई की दुकान वालों और कई तरह के खुदरा कारोबारियों को अपने ग्राहकों को दिए जाने वाले बिल पर एफएसएसएआइ का लाइसेंस नंबर लिखना ही होगा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंड‌र्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआइ) ने इस वर्ष पहली अक्टूबर से फूड कारोबार करने वालों के लिए यह नियम अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही रेस्टोरेंट्स में प्रमुख स्थानों पर खाद्य सुरक्षा से संबंधित बोर्ड लगाने होंगे, जिन्हें ग्राहक आसानी से पढ़ सकें। इसके लिए भी एफएसएसएआइ अपने मौजूदा नियमों में संशोधन की तैयारी कर रहा है, जो जल्द जारी कर दिया जाएगा।

नए नियमों से ग्राहकों को यह होगा कि खाद्य पदार्थो में किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत करने में उन्हें आसानी हो जाएगी। यह नियम लागू होने के बाद नियामक के लिए भी उन कंपनियों या कारोबारियों की पहचान करना और उन्हें पकड़ना आसान हो जाएगा जिनके खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है। एफएसएसएआइ ने कहा कि बहुत सी शिकायतों का निपटारा सिर्फ इसलिए नहीं हो पाता था या उनमें देरी होती थी क्योंकि शिकायत के साथ एफएसएसएआइ द्वारा आवंटित लाइसेंस नंबर नहीं लिखा होता था।

 

 

source link


Leave a Reply