पंजाब : खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब में लॉ एंड आर्डर, अमन-शांति व भाईचारे को कुछ सामाजिक तत्व तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। जैसे ही उनकी गतिविधियों की सूचना मिली तो उन्होंने एक्शन लिया। उन्होंने कहा कि अगर वह चाहते तो अमृतपाल को 18 मार्च को भी पकड़ सकते थे लेकिन वह नहीं चाहते कि कोई खून-खराबा हो।
मुख्यमंत्री ने कहा वे लोग पुलिस थाना के सामने पालकी साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी को लेकर आए थे और पालकी साहिब को ढाल बनाकर थाने अंदर चले गए थे। उस दौरान उन्होंने पंजाब डी.जी.पी. को निर्देश दिए थे कि कुछ भी हो जाए श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी की मर्यादा को कामय रखना है। पानी की बौछार नहीं होने चाहिए, न ही कोई ईंट-पत्थर चलना चाहिए। चाहे इस दौरान उनके कुछ पुलिस मुलाजिम घायल हुए थे, उन्हें टांके लगे थे परंतु उन्होंने बड़े संयम के साथ उस मौके को संभाला, जिसके चलते पुलिस वालों की तारीफ भी हुई।
CM मान ने कहा कि अमृतपाल को फरार हुए 35 दिन हो गए थे। आज अमृतपाल को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि आज जो कार्रवाई हुई उसकी जानकारी उन्हें कल रात ही मिल गई थी। वह पूरी रात सोए नहीं। पुलिस के सीनियर अधिकारियों से पल-पाल बात कर रहे थे। वह चाहते थे कि सब कुछ शांतिपूर्वक हो।