Latest news
जालंधर में चिकचिक चौक के पास 2 पक्षों की झड़प में एक्टिवा को लगाई आग चीन का Meta को बड़ा झटका, Manus की 2 अरब डॉलर की डील पर लगाई रोक Exit Poll 2026 : पश्चिम बंगाल में किसका बजेगा डंका ? एग्जिट पोल के नतीजे आये सामने शंभू-अंबाला रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट का मामला सुलझा, हथियारों सहित 4 गिरफ्तार पंजाब के शंभू में रेलवे ट्रैक पर धमाका, विस्फोटक लगाने वाले के उड़े चिथड़े पिकनिक पर गए परिवार के साथ हादसा , नाले के तेज बहाव में बह गया मासूम बच्चा पंजाब में अप्रैल के आखिरी दिनों में बरसेंगे बादल, मौसम विभाग का अलर्ट जारी 'आप' पार्टी को छोड़ते ही हरभजन सिंह की Z+ सिक्योरिटी को मान सरकार ने वापस लिया फार्म में लगी भयानक आग, एक साथ जिंदा जली 122 बकरियां राघव चड्ढा को झटका, 2 दिन में 10 लाख लोगों ने इंस्टाग्राम पर किया अनफॉलो

India Living News

Hot News
You are currently viewing पिता की शव यात्रा में बेटे ने किया जमकर डांस, तेरहवीं पर बजवाया DJ

पिता की शव यात्रा में बेटे ने किया जमकर डांस, तेरहवीं पर बजवाया DJ

सुल्तानपुर : उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक अनोखे संस्कार का मामला सामने आया है। मिली जानकारी अनुसार यहां एक बेटे ने अपने पिता के निधन के बाद उन्हें ढोल- नगाड़े पर नाचते हुए अंतिम विदाई दी। युवक के इस अंदाज को देखकर लोग पूरा गांव हैरान हो गया। अंतिम यात्रा में शामिल लोग भी उसे देखते रह गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

पूरा मामला नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुर इलाके का है। इलाके के दुर्गापुर मोहल्ला निवासी श्रीराम के पिता राम किशोर मिश्रा का निधन 20 दिन पहले हुआ था। राम किशोर ने 80 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा में बेटे श्रीराम ने जमकर ढोल- नगाड़े बजवाये और जश्न मनाया।

तकरीबन 20 दिन पुरानी इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बेटा अपने पिता की मौत पर साथियों संग शव यात्रा में नाच रहा है। वहीं, शव को जब बाजार से होते हुए श्मशान घाट की तरफ लाया जा रहा है तो उसमें ढोल- नगाड़े बज रहे हैं। इतना ही नहीं बेटा पिता के शव पर नोटों की गड्डियां भी लुटाता नजर आ रहा है। बता दें कि श्रीराम ने पिता के अंतिम संस्कार के भोज (तेरहवीं) में भी बैंड बाजे के साथ लोगों को भोजन करावाया। परिवार और घरवाले भी इस मौके पर जश्न मानते और डीजे पर नाचते गाते नजर आए।

पिता की ऐसी विदाई पर बेटे श्रीराम तर्क देते हुए कहा कि अंतिम विदाई रो-गाकर करनी ही नहीं चाहिए। रोने से जाने वाले की आत्मा को तकलीफ होती है। श्रीराम के मुताबिक किसी इंसान का अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूरा करने के बाद इतनी आयु में जाना अच्छा ही माना जाता है।


Leave a Reply