Latest news
आदमपुर हवाई अड्डे का बदला नाम, केंद्र सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को जड़े थप्पड़ Google Play Store पर असली और फेक सरकारी ऐप्स को कैसे पहचाने ? चंडीगढ़ में पीजीआई के पास मेडिकल स्टोर पर ताबड़तोड़ गोलियां चली जरूरी खबर : अब बिना पंजीकृत मोबाइल नंबर OTP के नहीं बनेगा वाहन का प्रदूषण सर्टिफिकेट जालंधर में किशनपुरा चौक के पास कपडे के शोरूम पर फायरिंग मणिकर्ण में पार्वती नदी किनारे फोटो खिंचवाते बहे पंजाब के 3 पर्यटक, मुश्किल से किया किया रेस्क्यू जालंधर में ट्रक की टक्कर से स्कूटी सवार महिला की हुई मौत, पति गंभीर घायल महंगाई का झटका : फिर बढ़े घरेलू LPG सिलेंडर के दाम जंतर-मंतर पर छात्रों का जोरदार प्रदर्शन : कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और सामाजिक कार...

India Living News

Hot News
You are currently viewing पिता की शव यात्रा में बेटे ने किया जमकर डांस, तेरहवीं पर बजवाया DJ

पिता की शव यात्रा में बेटे ने किया जमकर डांस, तेरहवीं पर बजवाया DJ

सुल्तानपुर : उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक अनोखे संस्कार का मामला सामने आया है। मिली जानकारी अनुसार यहां एक बेटे ने अपने पिता के निधन के बाद उन्हें ढोल- नगाड़े पर नाचते हुए अंतिम विदाई दी। युवक के इस अंदाज को देखकर लोग पूरा गांव हैरान हो गया। अंतिम यात्रा में शामिल लोग भी उसे देखते रह गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

पूरा मामला नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुर इलाके का है। इलाके के दुर्गापुर मोहल्ला निवासी श्रीराम के पिता राम किशोर मिश्रा का निधन 20 दिन पहले हुआ था। राम किशोर ने 80 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा में बेटे श्रीराम ने जमकर ढोल- नगाड़े बजवाये और जश्न मनाया।

तकरीबन 20 दिन पुरानी इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बेटा अपने पिता की मौत पर साथियों संग शव यात्रा में नाच रहा है। वहीं, शव को जब बाजार से होते हुए श्मशान घाट की तरफ लाया जा रहा है तो उसमें ढोल- नगाड़े बज रहे हैं। इतना ही नहीं बेटा पिता के शव पर नोटों की गड्डियां भी लुटाता नजर आ रहा है। बता दें कि श्रीराम ने पिता के अंतिम संस्कार के भोज (तेरहवीं) में भी बैंड बाजे के साथ लोगों को भोजन करावाया। परिवार और घरवाले भी इस मौके पर जश्न मानते और डीजे पर नाचते गाते नजर आए।

पिता की ऐसी विदाई पर बेटे श्रीराम तर्क देते हुए कहा कि अंतिम विदाई रो-गाकर करनी ही नहीं चाहिए। रोने से जाने वाले की आत्मा को तकलीफ होती है। श्रीराम के मुताबिक किसी इंसान का अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूरा करने के बाद इतनी आयु में जाना अच्छा ही माना जाता है।


Leave a Reply