जालंधर : बड़ी खबर है कि जालंधर शहर में विएना कांड के दौरान रामामंडी के जौहल अस्पताल में आगजनी और मारपीट करने के आरोप में कांग्रेसी पार्षद मनदीप जस्सल को कोर्ट ने 13 साल बाद दोषी करार दिया है। वहीँ कोर्ट ने आरोप साबित होने के बाद पार्षद को 5 साल सजा के साथ-साथ जुर्माना भी किया है। जुर्माना न भरने की सूरत में पार्षद मनदीप जस्सल को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
बता दे कि 25 मई 2009 को पुलिस ने जौहल अस्पताल के मालिक डॉक्टर बलजीत सिंह जौहल की शिकायत पर पार्षद मनदीप सिंह जस्सल समेत गुलजारा सिंह, बालमुकंद बिल्ला, शिंगारा राम, राजेश्वर और किशनपाल मिंटू के खिलाफ मामला दर्ज किया था। डॉ. बलजीत सिंह जौहल ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि पार्षद मंदीप जस्सल और उसके साथी अस्पताल में आ गए थे। उन्होंने सारा सामान जला दिया। कैश काउंटर में डाका डाला और करीब 70 हजार रुपए ले गए थे। वहीँ अब फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 435 के तहत सबसे ज्यादा 5 साल की सजा सुनाई है।