बिना एनओसी के रजिस्ट्रियां करने का मुद्दा गर्माया, एक रजिस्ट्री की 30 हजार रिश्वत की चर्चा
वसीका नवीसों ने किया सब रजिस्ट्रार-2 के दफ्तर का घेराव
जालंधर : बिना एनओसी की रजिस्ट्री दर्ज करने को लेकर आज सब रजिस्ट्रार-2 दफ्तर में तैनात आरसी गुरचरण सिंह तथा वसीका नवीस गुलशन सारंगल के बीच आज खूब बहस हुई मामला इस हद तक बढ़ गया कि आरसी गुरचरण सिंह ने सब रजिस्ट्रार जगसीर सिंह सरां से दो दिन की छुट्टी मांग कर वसीका नवीस गुलशन सारंगल को सूत करने की मांग रखी। प्रत्यक्षदर्शियों अनुसार वसीका नवीस गुलशन सारंगल आज सुबह सब रजिस्ट्रार-2 के दफ्तर आया और उसके हाथ में रजिस्ट्री के कागज थे जिसकी एनओसी नहीं थी गुलशन सारंगल ने कहा कि अगर यह वसीका दर्ज नहीं करना तो बाकी की बिना एनओसी की रजिस्ट्रियां कैसे दर्ज हो रही है। ज्वाब में गुरचरण सिंह ने कहा कि यह मेरी मरजी है कि किस वसीके को दर्ज करना है और किस को नहीं। जिसके बाद मामला गाली गलौच तक पहुंच गया और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। मगर मौके पर लोगों ने मामले में दोनो पक्षों के शांत करवाया।
गुलशन सारंगल ने आरोप लगाया कि सब रजिस्ट्रार-2 में पिछले एक सप्ताह दौरान 300 रजिस्ट्री दर्ज हुई जिसकी कोई एनओसी नहीं है इन रजिस्ट्रियों को दर्ज करने की एवज में 15 से 30 हजार रुपये की रिश्वत ली गई। अभी भी ऐसी रजिस्ट्रयां हर रोज दर्ज की जा रही है। मामले में गुलशन सारंगल ने कहा कि वह इस मामले में आज शाम तक डीसी घनश्याम थौरी को शिकायत सौंपेगे और आरसी के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग करेंगे।
उधर आरसी गुरचरण सिंह ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार बिना एनओसी के कोई भी रजिस्ट्री दर्ज नहीं की जाती वह हर जांच के लिए तैयार है। अगर कोई ऐसी रजिस्ट्री सामने आती है जिसकी एनओसी न हो तो वह सरकार की हर सजा के लिए तैयार है। सब रजिस्ट्रार-2 जगसीर सिंह सरां ने कहा कि गुलशन सारंगल काफी तैहश में था और जब उसे बिना एनओसी के रजिस्ट्री दर्ज करने के लिए मना कर दिया तो उसने कागज फाड़ दिए और दोनो में बहस शुरु हो गई।
बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दर्ज हुई एक याचिका सुनवाई दौरान जारी निर्देशों अनुसार बिना जेडीए तथा नगर निगम की एनओसी के बिना किसी भी प्लाट की रजिस्ट्री दर्ज नहीं की जाएगी तांकि शहरी तथा देहाती इलाकों में काटी जा रही अवैध कालोनियों के विस्तार पर रोक लगाई जा सके। मगर तहसील में फैले भ्रष्टाचार के कारण अभी भी सरेआम बिना एनओसी के रजिस्ट्रियां दर्ज की जा रही है जिसके बदले हजारों रुपये की रिश्वत का खेल चलता है। पंजाब में सबसे ज्यादा बदनाम जालन्धर की दोनो तहसीलें है जहां सबसे अधिक रिश्वत का बोल बाला है। आने वाले दिनोँ में यह मामला काफी तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है।