Skip to content

दिल्ली सड़क हादसे में साहिल को खोने वाली मां का छलका दर्द, बोली 'मेरे जीने का मकसद बेटे को न्याय दिलाना'

दिल्ली सड़क हादसे में साहिल को खोने वाली मां का छलका दर्द, बोली 'मेरे जीने का मकसद बेटे को न्याय दिलाना'
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

नेशनल न्यूज़ : यह दर्दनाक हादसा 3 फरवरी 2026 को सुबह करीब 11:57 बजे द्वारका सेक्टर-11 में लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के पास हुआ. साहिल अपनी यामाहा स्पोर्ट्स बाइक पर ऑफिस जा रहा था . वहीँ तेज रफ्तार महिंद्रा स्कॉर्पियो N कार (नंबर UP57BM3057) ने पहले उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी, फिर गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी एक कैब से जा भिड़ी. इस दर्दनाक हादसे में साहिल की मौके पर ही मौत हो गई. कैब चालक अजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया.

बेबस माँ का रोते हुए छलका दर्द और माँगा इन्साफ

‘मेरा बेटा सुबह 11:30 बजे ऑफिस के लिए निकला था. रील बनाने के चक्कर में उन लोगों ने मेरे बेटे को मार डाला. वह स्कॉर्पियो इतनी तेज थी कि साहिल को संभलने का मौका ही नहीं मिला. टक्कर के बाद मेरा बच्चा सड़क पर 10 मिनट तक तड़पता रहा, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की’ यह दर्द है 23 वर्षीय साहिल की मां इन्ना माकन का. इन्ना ने कहा, “मैंने अपने बेटे को 23 साल तक अकेले एक सिंगल मदर के रूप में पाला-पोसा. वह बहुत टैलेंटेड, मेहनती और होनहार लड़का था. उसका सपना मैनचेस्टर जाना था, लेकिन एक स्कॉर्पियो ने उसे बेरहमी से मार डाला.” उन्होंने आगे कहा कि यह महज एक दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है. उन्होंने रईसजादों की इस मानसिकता पर भी सवाल उठाए कि वे सड़क को अपनी जागीर समझते हैं.

जांच में चौंकाने वाले खुलासे जांच में पता चला कि SUV चला रहा 19 वर्षीय अक्षत्रा सिंह (नाबालिग) था, जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था. वह अपनी बहन के साथ गाड़ी में बैठकर स्पीड और फन रील्स बना रहा था. पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस SUV पर पहले से ही 13 चालान दर्ज थे, जिनमें ज्यादातर ओवरस्पीडिंग के थे. ये चालान दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कटे हुए थे. इससे साफ है कि गाड़ी का मालिक और चालक ट्रैफिक नियमों की बार-बार अनदेखी करते रहे हैं.

आरोपी को मिली जमानत कानून की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिस नाबालिग ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया, उसे बोर्ड परीक्षाओं का हवाला देकर अंतरिम जमानत मिल गई. मां इन्ना का कहना है कि वे बेटे के अंतिम संस्कार में टूटी हुई थीं, तभी आरोपी को रिहा कर दिया गया. परिवार अब सिर्फ एक ही मांग कर रहा है—निष्पक्ष जांच और सच्चा न्याय. ताकि किसी और मां को अपना बेटा इस तरह खोना न पड़े. इन्ना माकन सोशल मीडिया पर लगातार अपील कर रही हैं कि लोग उनकी मदद करें.