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पंजाब की झांकियों को गणतंत्र दिवस परेड़ में शामिल न करना समूह पंजाबियों व हमारे महान शहीदों का अपमान- सुशील कुमार रिंकू

Not including Punjab's tableaux in the Republic Day parade is an insult to Punjabis and our great martyrs - Sushil Kumar Rinku
Not including Punjab's tableaux in the Republic Day parade is an insult to Punjabis and our great martyrs - Sushil Kumar Rinku
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जालंधर 29 जनवरी : केंद्र सरकार ने पंजाब की झांकियों को गणतंत्र दिवस की परेड़ में शामिल न करने समूह पंजाबियों खासकर स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले हमारे महान नायकों का अपमान किया है। ये विचार लोकसभा सदस्य सुशील कुमार रिंकू ने आज स्थानीय नकोदर चौक पर पंजाब की झांकियों का स्वागत करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने जालंधर शहर में दाखिल होने पर इन तीन झांकियों पर फूलों की वर्षा करके स्वागत किया। लोकसभा सदस्य ने कहा कि पंजाब के गौरवशाली इतिहास व अमीर विरसे की झलक इन झांकियों में देखने के मिलती है, जिन्हें हर हाल में राष्ट्रीय स्तर के इस समारोह में जगह मिलनी चाहिए थी। रिंकू ने कहा कि देश की तरक्की में पंजाब का योगदान सबसे ज्यादा रहा है और आजादी की लड़ाई में पंजाबियों की कुर्बानियां देश भर में सबसे ज्यादा रही हैं लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि देश का गणतंत्र दिवस समारोह पंजाब के बगैर ही मनाया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का अन्नदाता है, मगर हमारी झांकियों को गणतंत्र दिवस परेड़ में जगह न मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है। उन्होंने कहा कि ये न सिर्फ पंजाबियों का ब्लकि देश के स्वतंत्रता संग्राम में शामिल सभी महान शहीदों के बलिदान का अपमान है। सोमवार को जालंधर शहर में तीन झांकियां पहुंची, जिनमें पहली झांकी सिख योद्धा माई भागो को समर्पित थी, जिसमें साथ माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रीपेटरी इंस्टीट्यूट फॉर गर्ल्स की तरफ से महिला सशक्तिकरण को समर्पित एक झलकियां थी। दूसरी झांकी में पंजाब के अमीर विरसे की झलक और तीसरी में जलियांवाले बाग की घटना और महान शहीदों सरदार भगत सिंह, शहीद करतार सिंह सराभा, शहीद ऊधम सिंह, बाबा सोहन सिंह भकना, लाला लाजपतराय, शहीद सुखदेव, लाला हरदियाल, सरदार अजीत सिंह, बाबा खड़क सिंह, मदन लाल ढींगरा, डॉ. दीवान सिंह कालेपानी जैसी महान शख्सियतों को चित्रित किया गया था। सुशीस कुमार रिंकू ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने केंद्र द्वारा ठुकराई गई पंजाब की इन झांकियों को राज्य के कौने-कौने में प्रदर्शित करने का फैसला लिया। इसी फैसले के तहत आज ये झांकियां जालंधर पहुंची और आम लोग ये देख रहे हैं कि कैसे पंजाब की सभ्याचारक विरासत व शहादत को राष्ट्रीय उत्सव में शामिल नहीं किया गया। इस मौके पर दिनेश ढल्ल हलका प्रभारी उत्तर, कमलजीत भाटिया, मंजीत सिंह टीटू, किमती भगत, संजीव भगत, शोबा भगत, ब्लॉक अध्यक्ष सोरब सेठ, अजय बब्बल, बलबीर सिंह, नवीन सोनी, शिवनाथ कांडा, संदीप वर्मा, हरजिंदर लाड्डा, नासिर सलमानी, हैरी बाल , सुरजीत सिट्टा, परवेश टांगरी, रितेश निहंग, शमी भगत, काला परदान, दविंदर गोला, सनी बत्रा, वरिंदर बंगा, शिवम पंसारी, ओम प्रकाश भगत, जोगिंदर बब्बी, अमित सबरवाल, तरसेम थापा, इंद्रजीत अलग, अमनप्रीत रिंकू, चंदन सहदेव , अभी लोच, पारुल अरोड़ा, अवतार विर्दी, कश्मीर सिंह, अकबर अली, विकास शाही, शमशेर खेड़ा, मन्नू बैरिंग, बलबीर बिट्टू, विक्की तुलसी श अन्य मौजूद थे।