कुलदीप चाहल ने पहली ही बैठक में अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। उन्होनें स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों, गैंगस्टरो, नशा तस्करों के लिए सभ्य समाज मे कोई जगह नहीं है। इनके साथ और सख्ती से मुकाबला किया जाएगा। दें कि साल 2010 में ट्रेनिंग के दौरान जालंधर के थाना न: 4 में बतौर एसएचओ सेवाएं दे चुके कुलदीप चाहल लगभग 12 साल बाद पुलिस कमिश्नर बन कर वापस लौटे हैं। मेहनतकश इंसानों में शुमार चहल 2009 बैच के आईपीएस हैं। वह आईपीएस बनने से पहले चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात थे, लेकिन उनकी इच्छा तो आईपीएस बनने की थी। इस मुकाम को उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर नौकरी के दौरान ही हासिल किया है।
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आईपीएस कुलदीप चहल ने जालंधर पुलिस कमिश्नर का चार्ज संभाला
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जालंधर:Â गैंगस्टरों को ठिकाने लगाने वाले आईपीएस अफसर कुलदीप सिंह चहल को सरकार ने जालंधर में बतौर पुलिस कमिश्नर तैनात किया है।आईपीएस कुलदीप चहल ने पुलिस कमिश्नर का चार्ज संभालते ही अधिकारियों के साथ बैठक की। पुलिस कमिश्नर ने कुलदीप चाहल ने बैठक के दौरान अधिकारियों को लॉ एडं आर्डर स्थित मजबूती से बहाल रखने के निर्देश दिए।Â
  कुलदीप चाहल ने पहली ही बैठक में अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। उन्होनें स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों, गैंगस्टरो, नशा तस्करों के लिए सभ्य समाज मे कोई जगह नहीं है। इनके साथ और सख्ती से मुकाबला किया जाएगा। दें कि साल 2010 में ट्रेनिंग के दौरान जालंधर के थाना न: 4 में बतौर एसएचओ सेवाएं दे चुके कुलदीप चाहल लगभग 12 साल बाद पुलिस कमिश्नर बन कर वापस लौटे हैं। मेहनतकश इंसानों में शुमार चहल 2009 बैच के आईपीएस हैं। वह आईपीएस बनने से पहले चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात थे, लेकिन उनकी इच्छा तो आईपीएस बनने की थी। इस मुकाम को उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर नौकरी के दौरान ही हासिल किया है।
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  कुलदीप चाहल ने पहली ही बैठक में अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। उन्होनें स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों, गैंगस्टरो, नशा तस्करों के लिए सभ्य समाज मे कोई जगह नहीं है। इनके साथ और सख्ती से मुकाबला किया जाएगा। दें कि साल 2010 में ट्रेनिंग के दौरान जालंधर के थाना न: 4 में बतौर एसएचओ सेवाएं दे चुके कुलदीप चाहल लगभग 12 साल बाद पुलिस कमिश्नर बन कर वापस लौटे हैं। मेहनतकश इंसानों में शुमार चहल 2009 बैच के आईपीएस हैं। वह आईपीएस बनने से पहले चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात थे, लेकिन उनकी इच्छा तो आईपीएस बनने की थी। इस मुकाम को उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर नौकरी के दौरान ही हासिल किया है।
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